गोरखपुर। पूर्वांचल ग्रामीण बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के सम्मेलन में भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि निजीकरण केवल घाटे वाले सार्वजनिक उपक्रमों का होना चाहिए। ग्रामीण बैंक तो गरीबों की सेवा करने के साथ-साथ लाभ भी कमा रहे हैं। इसलिए इनमें निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश उचित नहीं है। इस दौरान उन्होंनेे ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संसद से सड़क तक संघर्ष करने का आश्वासन दिया।
रविवार को जिला पंचायत भवन में आयोजित सम्मेलन में जगदंबिका पाल ने भरोसा दिलाया कि वह बजट सत्र में ग्रामीण बैंकों में बैंकिंग उद्योग, समान पेंशन, अनुकंपा भर्ती, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाएंगे। अरेबिया के महासचिव सईद खान ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण बैंकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। सरकार के इस रवैए के खिलाफ 12 फरवरी को ग्रामीण बैंक के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा।
15 फरवरी को राज्यस्तरीय धरना होगा। एक मार्च को संसद पर धरना देने के बाद 10 एवं 11 मार्च को दो दिनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस आंदोलन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन का सहयोग भी लिया जाएगा। इस मौके पर नेशनल फेडरेशन महासचिव शिवकरण द्विवेदी, उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रामीण बैंक इंप्लाइज फेडरेशन महासचिव केके श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस दौरान विक्रम श्रीवास्तव, आरआर त्रिपाठी, राम सिंह, मनीष पांडेय, हरिशंकर सिंह, शिवशरण द्विवेदी समेत अन्य मौजूद थे।