पाकिस्तान या चीन में रह रहे लोगों की गोरखपुर में भी करोड़ों की संपत्ति है, जिनपर अब वे अधिकार नहीं जता सकेंगे। इन सभी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति मानते हुए सरकार उन्हें जब्त कर लेगी। इन सभी संपत्तियों पर वर्षों से कोर्ट में केस चल रहे थे। सभी पर किसी न किसी ने दावे कर रखे थे या वह किसी के नाम हो चुकी थीं, पर संसद में शत्रु संपत्ति संशोधन का विधेयक पास होने के बाद अब ये सभी संपत्तियां सरकार के नाम हो जाएंगी। इसे लेकर दिनभर प्रशासनिक अधिक ारियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। एडीएम फाइनेंस डॉ चंद्रभूषण का कहना है कि अभी ऐसी संपत्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, पर इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि जिले में ऐसी संपत्तियां नहीं होंगी।
विश्वस्त प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर में ऐसी करीब 25 शत्रु संपत्ति है। इनमें ज्यादातर संपत्ति शहर में ही है। पूर्व एडीएम (प्रशासन) पीके श्रीवास्तव ने ऐसी सभी संपत्तियों की सूची तैयार कराई थी। इन सभी संपत्तियों पर किसी न किसी ने दावे कर रखे थे या वे उनके नाम हो चुकी थीं। माना जा रहा था कि यह मामला यही खत्म हो गया। लेकिन अब उनके दावे या हस्तांतरण करने के दावों को खारिज कर दिया जाएगा। एडीएम (प्रशासन) लवकुश त्रिपाठी का कहना है कि अभी इस संबंध में शासन की तरफ से कोई निर्देश नहीं जारी हुए हैं। यह सूचना है कि संसद ने ऐसी सभी संपत्तियों पर सरकार का कब्जा होने का विधेयक पारित कर दिया है। जैसे ही इस संबंध में कोई दिशानिर्देश जारी होता है कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।