गीता वाटिका में संकीर्तन करते लाोग।
गीता वाटिका में चल रहे राधाष्टमी महोत्सव के क्रम में शुक्रवार को श्रीराधा प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। तड़के परिसर में प्रभातफेरी निकालकर उत्सव की शुरुआत हुई और फिर शहनाई की मंगल ध्वनि गूंज उठी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।
दूसरे सत्र की शुरुआत सुबह साढ़े 10 बजेे संकीर्तन से हुई। उसके बाद पद गायन का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें ‘हे राधे रासेश्वरी रस की पूर्ण निधान..., ‘राधाजू हम पै आजु ढरौ...’ जैसे दर्जनों पदों का गायन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भी साथ दिया। पद गायन के बाद 11 बजकर 58 मिनट पर श्रीराधा जी के प्राकट्य की आरती हुई। इस दौरान घंटा और शंखनाद की ध्वनि चारों ओर व्याप्त हो गई। इसके बाद शुरू हुआ श्रीराधा रानी का षोडषोपचार पूजन-अर्चन और बधाई के पदों का गान घंटाें चलता रहा। सायंकाल दीपोत्सव हुआ, जब समूचा समाधि स्थल जगमगा उठा।
देर शाम श्रीराम शर्मा की रासलीला मंडली की ओर से श्रीराधामाधव की रासलीला की प्रस्तुति हुई, जिसे देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। उत्साही भक्तों ने संकीर्तन और पद गायन के साथ रात्रि जागरण भी किया। इस दौरान अरुणा डालमिया, अनुराग डालमिया, कृष्ण मुरारी पोद्दार, ओमप्रकाश सकसरिया, गौतम डालमिया, रमेश कुमार थरड, रसेन्दु फोगला, मनमोहन जाजोदिया, अंजलि परासर आदि मौजूद रहे। हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के सचिव उमेश कुमार सिंहानिया ने बताया कि शनिवार को दधिकर्दमोत्सव मनाया जाएगा।