महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में समावर्तन संस्कार समारोह हुआ। इसमें केसरिया कुर्ता धोती पहने छात्र और साड़ी पहनकर छात्राएं शामिल हुईं। इस मौके पर विश्वविद्यालयीय पूर्व परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। इस दौरान महंत आदित्यनाथ ने योगीराज बाबा गंभीरनाथ सिलाई-कढ़ाई का प्रमाण पत्र वितरित किया। वहीं सिलाई प्रमाणपत्र, पेंटिंग प्रमाणपत्र देने के अलावा निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा गृह विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. शक्ति सिंह की पुस्तक ‘पोषण एवं पोषण स्तर‘ का विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि तिलक मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के पूर्व कुलपति एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी बायोकेमेस्ट्री के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. रमाशंकर दुबे ने कहा कि देश की सांस्कृतिक रीढ़ को तोड़े बिना भारत की शिक्षा पद्धति का तंत्र खड़ा करना अपरिहार्य है। हम देश की युवाओं को ऐसी शिक्षा दें जो रोजगार के साथ संस्कार भी दे। विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन के सचिव डॉ. बाल मुकुंद पांडेय ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं से योग्य और संस्थापित युवा पीढ़ी निकलनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति डॉ. भोलेंद्र सिंह ने आह्वान किया कि एमपीपीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत जीवन के उत्थान के साथ-साथ देश-समाज के लिए जीने का संकल्प लें।
एमपीपीजी कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष पूर्व कुलपति प्रो उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज भारत के युवाओं में भारतीय संस्कृति और आत्मबोध पैदा करने की आवश्यकता है। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने कहा कि गोरक्षपीठ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की नींव रखकर शैक्षिक क्रांति की जो मशाल जलाई उसके निरंतर प्रज्ज्वलित रहने का ही प्रमाण समावर्तन समारोह है। कार्यक्रम में प्रो. यूपी सिंह के अलावा कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।
इन्हें मिला गोल्ड मेडल
अमर मिश्रा, विनय चौहान, नेहा प्रजापति, रवि प्रताप नागवंशी, श्वेता सिह, बलवंत कुमार मौर्य, नंदनी गुप्ता, राधिका चौहान, चंद्रेश कुमार, सुधा सागर, नीतेश कुमार सिंह, श्रेया शुक्ला, राजनंदनी चौधरी, राखी चौरसिया, सीमा, शुभम शर्मा, निकिता राज, शुभम सिंह, शीबा खातून, सूरज गुप्ता, आकांक्षा अग्रवाल, अवंतिका तिवारी, नितिन तिवारी, नम्रता पांडेय, अफजल अली, दीपक प्रजापति, प्रियंका दुबे, शीला निषाद, योगेश कुमार दुबे, पुष्पा गुप्ता, अल्का श्रीवास्तव, मोनी सिंह
ये भी हुए पुरस्कृत
महंत दिग्विजयनाथ पुरस्कार- राहुल गिरि (बी.ए. प्रथम वर्ष)
महंत अवेद्यनाथ पुरस्कार - विवेक विश्वकर्मा (बी.ए. प्रथम वर्ष)
श्रेष्ठतम पुरस्कार
योगीराज बाबा गंभीरनाथ श्रेष्ठतम छात्र पुरस्कार (स्नातक स्तर) - रिंकी रानी (बी.एड. द्वितीय वर्ष)
महायोगी गोरक्षनाथ श्रेष्ठतम छात्र पुरस्कार (स्नातकोत्तर स्तर) - आशीष राय (एम.ए. द्वितीय वर्ष)
श्रेष्ठतम शिक्षक को सरस्वती सम्मान - सुबोध कुमार मिश्र (प्रवक्ता प्राचीन इतिहास)