प्रो. राम प्यारे की फाइल फोटो।
बीएचयू के बीएड डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त हुए प्रो. रामप्यारे सिंह के निधन के बाद उनकी इच्छा के मुताबिक उनका शव मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग को सौंप दिया गया ताकि एमबीबीएस के विद्यार्थी पढाई कर सकें। मंगलवार को दामाद डॉ. भूपेंद्र ने पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचना दी फिर विभाग के डॉ. योगेंद्र से मिलकर कागजी कार्रवाई पूरी की।
वयोवृद्ध रामप्यारे सिंह ने बीएचयू में प्रोेफेसर के तौर शिक्षा दी फिर बनारस में ही होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से भी मरीजों की सेवा करते रहे। दामाद डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि मौत के बाद उनके शरीर का इस्तेमाल एमबीबीएस के विद्यार्थी पढ़ाई में करें। घरवाले भी उनकी इस इच्छा का सम्मान करते थे। बिंलदपुर में रहने वाले डॉ. भूपेंद्र के आवास पर ही उन्होंने मंगलवार को आखिरी सांसें लीं। मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग के डॉ. योगेंद्र ने बताया कि दोपहर दो बजे के करीब शव लेकर रसीद डॉ. भूपेंद्र को सौंप दी गई।