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जाति-आय, निवास के दस हजार आवेदन लटके

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जाति-आय, निवास के बीस हजार आवेदन लटके
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गोरखपुर। लेखपालों के किसान सम्मान निधि योजना में फंसे होने की वजह से यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न कॉलेजों आदि में प्रवेश लेने वाले हजारों विद्यार्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्हेें समय से जाति-आय और निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा। साथ ही गरीबी रेखा के नीचे के लोगों के लिए जरूरी ईडब्लूएस के सर्टिफिकेट भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन का काम भी लेखपालों के पास ही है। जिले के करीब 1400 जन सेवा केंद्रों और ई-डिस्ट्रिक्ट में 10623 आवेदन आय, 5890 आवेदन जाति तथा 5484 आवेदन निवास प्रमाण पत्र के लटके हैं।
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दरअसल प्रमाण पत्र जारी होने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका लेखपालों की होती है। आवेदकों के सत्यापन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। वर्तमान में छह जून तक के लिए सभी तहसीलों, ब्लाकों में कैंप लगाकर किसान सम्मान निधि योजना के लिए दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। इस काम में सभी लेखपालों को लगाया गया है। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना होने की वजह से लेखपालों का पूरा ध्यान उधर ही है, जिससे जाति, निवास और आय प्रमाण पत्रों के सत्यापन का काम धीमा पड़ गया है। हालांकि डीएम ने किसान सम्मान निधि के साथ ही लेखपालों को समय से प्रमाण पत्र भी जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राथमिकता भी देने को कहा है, मगर लेखपालों का कहना है कि सत्यापन में वक्त लगता है। एक ही साथ कई काम कैसे किए जा सकते हैं।
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