भोजन की खराब गुणवत्ता से नाराज जिला जेल के बंदियों ने मंगलवार रात भूख हड़ताल कर दी। चार बैरकों के लगभग 450 बंदियों ने रात का खाना नहीं खाया। सुबह भी वह जिद पर अड़े रहे। जेल अधीक्षक ने बंदियों से तीन दिनों में व्यवस्था ठीक करने का वादा किया तब बंदी खाना खाने को राजी हुए।
बंदियों को भोजन देने के लिए जेल के अंदर पाकशाला संचालित है। भोजन का मीनू भी निर्धारित है। जेल की बैरक नंबर 10, 11, 12 और 15 में रह रहे करीब 450 बंदियों ने मंगलवार रात यह कहकर खाना खाने से इनकार कर दिया कि उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है।
चावल में कंकड़ और दाल के नाम पर सिर्फ पानी दिया जा रहा है। रोटियां भी खाने लायक नहीं हैं। इन बैरकों के बंदियों ने गुणवत्ता सुधारने की मांग करते हुए भूख हड़ताल कर दी। सुबह जब चाय-नाश्ता दिया जाने लगा तो बंदियों ने उसे भी लेने से साफ इनकार कर दिया।
विरोध की यह आंच अन्य बैरकों तक भी पहुंच गई। बंदी जेल प्रशासन के रुख से इस कदर नाराज थे कि वह डीएम-एसपी और डीआईजी को बुलाने की मांग करने लगे। सूचना पाकर जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय पहुंचे और बंदियों से वार्ता की।
खाने को लेकर उनकी शिकायतें तत्काल दूर करने का आश्वासन दिया है। कैंटीन व मुलाकातियों के माध्यम से आने वाली खानपान की सामग्री को भी समुचित ढंग से अंदर पहुंचाने सहित अन्य मांगों पर तीन दिन में कार्रवाई की बात कही। इसके बाद दोपहर 11 बजे बंदी खाना खाने को राजी हुए।