मेडिकल कॉलेज में एक्सपायरी दवाओं को बाथरूम में नष्ट करने पर प्रिंसिपल ने कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार की सुबह प्रिंसिपल प्रो. राजीव मिश्रा ड्रग स्टोर में गए और सभी फार्मासिस्टों से पूछताछ की। उन्होंने निर्देश दिया है कि छह महीने में एक्सपायर होने वाली दवाओं की सूची उपलब्ध कराई जाए और दवाओं को नष्ट करने के लिए नियमों का पालन किया जाए। नष्ट करने के लिए एक कमेटी गठित हो उसके संज्ञान में ही दवाएं नष्ट हो।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज में सोमवार को बाथरूम व एक कमरे को अंदर से बंद करके दवाएं नष्ट की गई थी। करीब चार लाख की दवाएं एक्सपायर होने के बाद नष्ट की गई। अभी कुछ दिन पहले ही बड़ी संख्या में ओआरएस घोल के पैकेट कूड़े में फेंके गए थे। सोमवार को लिक्विड पैराफिन (जेली है जो आदमी के शरीर में पाइप डालने से पहले उपयोग होती है), दूसरी दवा हाइड्रोजन परॉक्साइड है जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन या ड्रेसिंग के दौरान होता है, को नष्ट किया गया था।
मंगलवार को इसको संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल ने फार्मासिस्टों से पूछताछ की है। प्रो. राजीव मिश्रा ने बताया कि दवाओं को नष्ट करने का एक नियम है। कमेटी गठित करके दवाएं नष्ट करने का आदेश दिया गया है। साथ ही छह महीने में एक्सपायर होने वाली दवाओं की सूची मांगी गई है।