देश-विदेश में रह रहे भाई-बहन के प्यार को जोड़ने के बजाय डाक महकमा तोड़ने का काम कर रहा है। विदेश में राखी की रजिस्ट्री करने के लिए बुधवार को एक सीनियर सिटीजन को पूरे दिन कई डाकघरों के चक्कर लगाने पड़े। बाद में सीनियर पोस्ट मास्टर के हस्तक्षेप के बाद रजिस्ट्री हो सकी।
चौरीचौरा निवासी सीनियर सिटीजन विनोद ओझा का बेटा प्रवीण कुमार कुवैत में इंजीनियर है। उनकी बेटी प्रवीण को राखी भेजना चाहती थी। राखी को बेटी ने लिफाफे में रखकर रजिस्ट्री करने के लिए पिता को दे दिया। बुधवार को विनोद रजिस्ट्री करने के लिए चौरीचौरा से मुनली, धर्मशाला और कचहरी डाकघर पहुंचे। मगर राखी को विदेश भेजने की जानकारी होने पर इन डाकघरों ने टाल-मटोल करते हुए रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया। इससे विनोद काफी परेशान और दुखी हो गए।
बाद में थक हारकर वह अंतिम गुजारिश करने हेड पोस्ट ऑफिस के सीनियर पोस्ट मास्टर के पास पहुंचे और अपनी पीड़ा बताई। बताया कि राखी को विदेश भेजने के लिए सभी औपचारिकता उन्होंने पूरी कर रखी है। इस पर सीनियर पोस्ट मास्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने राखी की रजिस्ट्री कुवैत करने के लिए मातहतों को आदेशित किया।
विदेश में रजिस्ट्री करने के लिए यह है नियम
देना होता है घोषणा पत्र
बताना होता है देश की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।
लिफाफे बंद सभी वस्तुएं पोस्टल एक्ट के अनुकूल हैं।
लगाना होता है एड्रेस प्रूफ
अगर कोई विदेश में राखी भेजना चाहता है तो भेज सकता है। इसके लिए छोटे-बड़े सभी डाकघर अधिकृत हैं। अगर किसी डाकघर ने विदेश में रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डीबी त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक