शैक्षणिक सत्र 2016-17 में माध्यमिक विद्यालयों की पहली ही बैठक विवादों के बीच हुई। जिला विद्यालय निरीक्षण (डीआईओएस) की अध्यक्षता में हुई बैठक से कई प्रधानाचार्य नाराज होकर चले गए। प्रधानाचार्य बैठक में अपमानित किए जाने का आरोप लगा रहे थे। हालांकि, उसके बाद भी नगर और जनपदीय खेलों के लिए गोरखपुर के सभी आठों तहसीलों के लिए संयोजक विद्यालय चुने गए।
एमएसआइ इंटर कॉलेज में बुधवार को प्रधानाचार्यों व शारीरिक शिक्षकों की बैठक हुई। इसमें शारीरिक शिक्षा महापरिषद के अध्यक्ष कृष्णकांत यादव ने कहा कि खेल मद में छात्रों से फीस ली जाती है, लेकिन ऐसे कई विद्यालय हैं जो न खेल कराते हैं और न ही इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में खेल फंड कहां जाता है। इससे क्षुब्ध कुछ प्रधानाचार्य अपमान की बात कहकर बैठक छोड़कर वहां से चले गए। बैठक में डीआइओएस एएन मौर्य ने सभी प्रधानाचार्यों व शारीरिक शिक्षकों से सकुशल खेल कराने का निर्देश दिया। कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि खेल का जो कैलेंडर मिला है, उसके अनुरूप तैयारी की जाए। इस दौरान एथलेटिक्स व तीरंदाजी (बालक वर्ग) को छोड़कर सभी खेलों का आवंटन किया गया।
बैठक मेें जनपदीय क्रीड़ा समिति के सचिव व एमएसआई के प्रधानाचार्य जफर अहमद खां, शंकर मणि त्रिपाठी, सुभाष चंद सिंह, एमपी सिंह तोमर, ओपी सिंह, पुष्पलता मल्ल, रीता श्रीवास्तव, रेमी यादव, योगेंद्र नाथ यादव, मुरलीधर त्रिपाठी, योगेंद्र नाथ यादव, केके जायसवाल, सतीश शुक्ल, रामहरी यादव आदि प्रधानाचार्य और शारीरिक शिक्षक मौजूद रहे।
आठों तहसील के संयोजक नियुक्त
खेलकूद कराने के लिए गोरखपुर की आठों तहसील के संयोजक नियुक्त किए गए।
महानगर -राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज
सदर पूर्वी -को-आपरेटिव इंटर कॉलेज पिपराइच
कैंपियरगंज -जेपी इंटर कॉलेज
चौरीचौरा -आदर्श इंटर कॉलेज, बेलवार
खजनी -इंटर कॉलेज, भटवली
सहजनवां -मुरारी इंटर कॉलेज
बांसगांव -पं. जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज
गोला - नेशनल इंटर कॉलेज बड़हलगंज
बैठक के दौरान कुछ प्रधानाचार्य पानी पीने के बहाना बनाकर चले गए। बैठक में खेल मद में लिया गया धन कहां जाते है, इसका मुद्दा उठा था। यह जांच का विषय है, कौन कौन विद्यालय प्रतिभाग नहीं कर रहे और उनके द्वारा खेल मद में ली गई फीस कहां जा रही है इसकी जांच होगी।
- एएन मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर