नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शहर के निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए गरीब बच्चों के दाखिले को लेकर अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानकारी न होने से प्रवेश के लिए आवेदक ही नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि विभाग ने 1500 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि अभी तक सिर्फ 47 बच्चों का ही दाखिला हो पाया है।
सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों (किसी भी बोर्ड की मान्यता) में कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में 25 फीसदी सीट पर अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का प्रवेश लिया जाना है। इसके लिए अभिभावकों को स्वप्रमाणित दस्तावेज भी जमा करने हैं। इनके सत्यापन के बाद ही प्रवेश होना है।
हाल यह है कि प्रवेश के लिए आवेदन ही नहीं मिल रहे हैं। विभाग की ओर से बच्चों के दाखिले के लिए अब कैंप लगाकर प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया है। हर वार्ड में कैंप लगाकर घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलना है और उन्हें योजना की जानकारी देकर बच्चों के दाखिले के लिए प्रेरित करना है।
बीएसए ओपी यादव ने बताया कि प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के अभिभावक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवेदन पत्र भरकर बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन के साथ ही अभिभावक को बच्चे का आयु प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज भी देने होंगे।
यहां मिलेगा आवेदन फार्म
बीएसए कार्यालय, नगर खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय, नगर क्षेत्र के सभी प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल।
जरूरी प्रमाण पत्र (निवास के लिए)
मतदाता परिचय पत्र, राशनकार्ड, आधार कार्ड, भू अधिकारी पत्रिका, पासपोर्ट, बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस।
अलाभित व दुर्लभ वर्ग के लिए
जाति प्रमाण पत्र, कैंसर, एचआईवी चिकित्सकीय प्रमाण पत्र, बच्चे की निशक्तता, निराश्रित व तृतीय लिंग प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विकलांगता, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन की बैक पासबुक की छायाप्रति, बीपीएल कार्ड।
आयु के लिए जरूरी प्रमाण पत्र
अस्पताल से जारी प्रमाण पत्र, नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी का अभिलेख, नोटरी बयानहल्फी।