सबने कहा कि छोटे भाई मोनू मौर्या की तहरीर पर पुलिस ने सात मार्च को अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज किया था। पुलिस ने शेषनाथ के मोबाइल फोन का सीडीआर निकाला तो अंतिम बार एक नंबर से कई बार में करीब 356 सेकेंड बात किए जाने का तथ्य सामने आया। इसके बावजूद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। घरवालों के अनुसार शेषनाथ शादी से पहले गांव की ही एक युवती से प्रेम करता था। युवती की शादी बड़हलगंज के जगदीशपुर में हुई थी। शादी के बाद भी दोनों की बातचीत होती थी। शेषनाथ के गायब होने के पीछे संबंधित युवती के हाथ होने का संदेह जताया गया।
इस मामले का संज्ञान एसएसपी ने लिया और गोला पुलिस से रिपोर्ट तलब की। इससे सकते में आई पुलिस ने मंगलवार को बड़हलगंज की युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इससे हत्या से पर्दा उठ गया। पूछताछ के आधार पर ही सीओ गोला, गोला, बड़हलगंज और गगहा पुलिस के साथ दोपहर एक बजे जगदीशपुर गांव पहुंचे। युवती की निशानदेही पर गांव के रामकृष्ण तिवारी के खेत में खुदाई कराके पुलिस ने शाम चार बजे शेषनाथ का शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक युवक के गले पर कसने के निशान हैं। ऐसा लगता है कि गला दबाकर हत्या की गई है।
गोला पुलिस की लापरवाही से नाराज घरवालों ने आर्थिक मदद की मांग को लेकर गोरखपुर वाराणसी राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने आर्थिक मदद
दिलाने का भरोसा देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पति के मोबाइल फोन करके बुलाया था। युवक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के अनुसार 22 फरवरी की रात 9.22 बजे से लेकर 10.14 बजे तक प्रेमिका ने अपने पति के मोबाइल नंबर से उसे कई बार कॉल किया था। कुल 356 सेकेड बातचीत हुई थी। पुलिस के मुताबिक शेषनाथ और युवती के बीच प्रेम प्रसंग की जानकारी उसके पति को हो गई थी। उन्होंने युवक को रास्ते से हटाने में साथ न देने पर उसे छोड़ देने की बात कही। इसके बाद उसने युवक को फोन करके बुलाया, फिर ठिकाने लगा दिया।
शव को बोरे में डालकर बांधा, फिर नमक डालकर दफनाया
पुलिस के मुताबिक युवती ने हत्या की बात कबूल कर ली है। पुलिस को बयान दिया है कि उसने, उसके पति और जेठ ने मिलकर शेषनाथ की गला दबाकर हत्या की थी। तीनों ने उसके शव को बोरे में भरकर बांध दिया। शव पर नमक भी डाला ताकि हड्डी तक गल जाए। साथ ही शव को गांव के रामकृष्ण तिवारी के खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया। चर्चा यह भी है कि युवक ने अपनी प्रेमिका को कुछ रकम दी थी, जिसे वापस करने के लिए विवाद हुआ था।
तीन भाई एक बहन में सबसे बड़ा था शेषनाथ
शेषनाथ तीन भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था। मझला भाई गोविंद विदेश में रहता है। छोटा भाई मोनू सब्जी बेचता है। बहन मौसम दसवीं में पढ़ती है। शेषनाथ के पिता छांगुर की मौत हो चुकी है। शव मिलने के बाद शेषनाथ की पत्नी नीतू और मां मीना रो-रोकर बेहोश हो गई। शेषनाथ के दो बेटे हिमांश(4) और प्रियांश(2) वर्ष पूरे परिवार को रोते हुए टकटकी लगाकर देख रहे थे।