तीन विकास खंडों के पौधरोपण में भ्रष्टाचार
गोरखपुर। सहजनवां रेंज के पौधरोपण अभियान में भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुल रही हैं। वन विभाग ने जहां-जहां पौधा लगाने का दावा किया था, वह पड़ताल में सही नहीं मिला है। पिपरौली विकास खंड के नगवा से बाघागाड़ा एनएच-28 के उत्तर में 5 हेक्टेयर भूमि पौधरोपण के लिए चिन्हित की गई थी, जो पूरी खाली पड़ी है। इसमें 5500 पौधे लगाने का लक्ष्य था। सहजनवां विकास खंड के तेनुहारी से कोडरा नाला के दोनों तरफ पांच हेक्टेयर में पौधरोपण नहीं करा गया। पाली विकास खंड के चोरमा नाला से मटियारी के बीच भी पौधे नहीं लगाए गए।
वन विभाग के सहजनवां रेंज से तीन विकास खंड जुड़े हैं। पाली विकास खंड में 45 हेक्टेयर, पिपरौली में 18 हेक्टेयर और सहजनवां विकास खंड में 30 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य था। 99 हजार पौधे लगाने का दावा भी किया गया लेकिन पौधरोपण अभियान में धांधली की शिकायत के बाद अमर उजाला ने मंगलवार को मामले की पड़ताल कराई तो सच्चाई सामने आ गई। पिपरौली प्रतिनिधि कुबेरनाथ त्रिपाठी के मुताबिक जैतपुर से अमटौरा बनौड़ा सड़क पर पौधरोपण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया। सड़क के महज 10 फीसदी हिस्से में ही पौधे लगाए गए, वह भी सूखे मिले। जैतपुर-पिपरौली सड़क पर अगस्त में जो पौधे गिराए गए थे, उन्हें अभी तक नहीं लगाया गया। पौधे पड़े-पड़े खराब हो गए। सहजनवां प्रतिनिधि अरुण मिश्र के मुताबिक तेनुहारी से मुंडा पोड़रा के बीच वन विभाग ने करीब दो किलोमीटर में पौधरोपण का दावा किया था। इसकी पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि एक भी पौधा नहीं लगाया गया है। घघसरा प्रतिनिधि अजय तिवारी के मुताबिक वन विभाग ने हड़हीं से लखनापार सड़क के किनारे पौधरोपण का दावा किया था, जो पड़ताल में गलत साबित हुआ। सड़क के ज्यादातर हिस्से में पौधे नहीं दिखे। चरणांव से नेवास सड़क के किनारे भी पौधे नहीं लगे मिले। चरणांव से डुमरी सड़क के किनारे पौधरोपण अभियान की भी पोल खुली है। इस सड़के किनारे पौधे नहीं लगाए गए हैं। इसके एवज में भुगतान जरूर करा लिया गया है।
आज से शुरू होगी जांच
डीएफओ अश्वनी कुमार की तरफ से गठित चार सदस्यीय कमेटी बुधवार से जांच शुरू करेगी। इसकी अध्यक्षता एसडीओ टीएन सिंह करेंगे। डीएफओ के मुताबिक जांच कमेटी सहजनवां रेंज में पौधरोपण अभियान का सच जानेगी। जहां-जहां पौधे लगवाए गए हैं, उसका भौतिक सत्यापन करके रिपोर्ट देगी। गड़बड़ी मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
भ्रष्टाचार उजागर तो तेज किया पौधरोपण
पौधरोपण अभियान में भ्रष्टाचार सामने आया तो वन विभाग सहजनवां रेंज के अफसरों की नींद टूटी। आनन-फानन में पौधे मंगाए गए, फिर लगवाने का सिलसिला शुरू हुआ। नगवा अंडर बाईपास से 100 मीटर आगे पौधे गिराए गए हैं। अफसरों की मंशा है कि जांच शुरू होने से पहले ही पौधे लगाकर धांधली पर पर्दा डाला जा सके। नगवा से बाघागाड़ा के बीच एनएच-28 के पास आनन-फानन में पौधे लगाए गए। वन विभाग के वाचक राजेश यादव और रामानंद ट्रैक्टर से लगातार पौधों को अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचा रहे हैं।
रखरखाव के अभाव में सूखे पौधे
एनएच-28 पर सोनारा नाला से खानपुर के बीच जो पौधे लगवाए गए, वे सूख गए। जैतपुर से पिपरौली सड़क के किनारे पौधरोपण अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इस सड़क के किनारे कुछ पौधे लगे मिले लेकिन रखरखाव के अभाव में सूख गए।