बेलीपार में पेट्रोल पंप मैनेजर की हत्या का मामला
: विरोध में सड़क पर शव रखकर लगाया जाम
गोरखपुर। बेलीपार में पेट्रोल पंप मैनेजर आनंदस्वरूप मिश्रा (62) की हत्या कर 11.20 लाख रुपये लूटने के विरोध में परिवार वालों ने स्थानीय लोगों के साथ मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे अलहदादपुर चौराहे पर शव रखकर जाम लगाया। उनकी मांग थी कि आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो, एकलौते बेटे राहुल मिश्रा को नौकरी और परिवार को आर्थिक मदद दी जाए।
जाम की सूचना पर एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंच गए। एडीएम सिटी ने समाज कल्याण विभाग से तीस हजार रुपये और किसान इंश्योरेंस से पांच लाख रुपये दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष और नौकरी के लिए शासन को पत्र लिखने का भी आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद घरवाले शव लेकर गए। इस दौरान पुलिस ने आवागमन का मार्ग परिवर्तित कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक बेलीपार थाने के पास सोमवार सुबह दिनदहाड़े आनंदस्वरूप मिश्रा की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनके पास रखा पेट्रोल पंप का 11.20 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। मंगलवार सुबह शव को अंत्येष्टि के लिए ले जाने से पहले नाराज मोहल्ले वाले अलहदादपुर चौराहे पर शव रखकर वहीं बैठ गए। जाम की खबर पाते ही राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग डीएम के आने की जिद करने लगे। बाद में एडीएम मौके पर पहुंचे और वार्तालाप कर प्रशासन की ओर से मदद का आश्वासन देकर जाम को खत्म कराया। इस दौरान स्थानीय लोगों के समर्थन में पार्षद अशोक यादव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान, राकेश यादव, राजनीश सिंह आदि भी पहुंचे थे। इन लोगों ने भी परिवार के लोगों को हर कदम पर साथ देने का भरोसा दिलाया।
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किसान दुर्घटना बीमा योजना से पांच लाख रुपये व समाज कल्याण विभाग के पारिवारिक लाभ योजना से तीस हजार रुपये की मदद दिलाई जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद और नौकरी के लिए प्रशासन की ओर से पत्र लिखा जाएगा। लेखपाल को निर्देशित किया गया है कि वह पीड़ित के घर जाकर प्रक्रिया को पूरा कराएं। - राकेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी
ऐसे मिलता है किसान दुर्घटना बीमा योजना का फायदा
सालाना आय प्रमाण पत्र (आय सालाना 75 हजार), खसरा खतौनी प्रमाण पत्र, घर के मुखिया का आयु का प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र, एफआईआर की कापी, विकलांगता के मामले में मुख्य डॉक्टर का सर्टिफिकेट, उम्मीद या लाभार्थी की बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड की जरूरत होती है। इस प्रमाण पत्र को तहसील पर देना होता है जिसके बाद प्रक्रिया शुरू होती है और पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।
पारिवारिक योजना का फायदा ऐसे लें
परिवार के मुखिया की मौत होने पर इस योजना के तहत लाभ दिया जाता है। मौत के एक महीने के अंदर आवेदन करना होता है।
गूगल ब्राउजर में जाकर www.swd.up.nic.in टाइम करें
एक फार्म आएगा, जिसे अंग्रेजी में भरना होगा
फिर भरे गए फार्म का प्रिंट समाज कल्याण विभाग में जमा करना होता है
यह होती है शर्तें
आवेदक द्वारा केवल राष्ट्रीय स्तर के बैंक खातों का विवरण ही मान्य होगा
किसी भी सहकारी बैंक का खाता मान्य नहीं होगा
तहसील स्तर पर जारी आय प्रमाण पत्र ही मान्य होगा
मृत्यु प्रमाण पत्र मान्यता प्राप्त अस्पताल का होना चाहिए