घड़ी की सुई 9.30 बजा रही थी। जीआरडी परिसर कुछ देर के लिए पूरी तरह खामोश रहा ।हर आंख नम थी पर सीना फक्र से चौड़ा । विशेष धुन के बीच जवान शस्त्र उल्टे कर कारगिल में शहीद हुए जवानों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे थे। वार मेमोरियल पर जीआरडी के प्रभारी डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पुनिया और फिर एक-एक कर सेना के सभी अफसर और जवानोें के पुष्प चक्र चढ़ाने का सिलसिला चल रहा था।
जीआरडी परिसर के इस माहौल ने वहां मौजूद सभी को 17 साल पहले 1999 में हुए कारगिल युद्ध को एक बार फिर से ताजा कर दिया। कारगिल युद्ध में देश के तमाम रेजिमेंट के साथ ही गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने भी अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। इस मौके पर जीआरडी के सागरगाथा हाल में एक समारोह का भी आयोजन किया गया जिसमें वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन
दिग्विजयनाथ महाविद्यालय में कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस मौके पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शहीद जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जो देश अपने शहीदों को याद रखता है वही अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा करने में समर्थ होता है। कारगिल में हमारे सैनिकों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर देश के सरहद की रक्षा की। उन्होंने कैप्टन विक्रम वत्रा, कैप्टन मनोज पांडेय जैसे शहीदों की वीरता को नमन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय मेें डॉ. श्रीभगवान सिंह, डॉ. सत्येंद्र प्रताप सिंह, डॉ. राजशरण शाही, डॉ. नीरज सिंह, पवन पांडेय, डॉ. आरपी यादव, डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. अमरनाथ तिवारी आदि उपस्थित थे।
मौन रखकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
शहर विधान सभा के अध्यक्ष आफताब अहमद और शहर विधानसभा सचिव मोहम्मद हसन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कैंप आफिसर पर दो मिनट का मौन रहकर कारगिल में शहीद हुए सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शोक सभा में इसहाक अंसारी, महेंद्र मोहन शर्मा, शक्ति पांडेय, शकील अहमद, उदय सिंह, जामिन अली, लाले, कैसर, शमीम अहमद, शादाब सामानी, मोहम्मद अरशद, मुन्ना भाई, अनवल अली, विरजू गुप्ता, संतोष श्रीवास्तव, वीरू सिंह, मो. शहजाद आदि मौजूद थे।