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सीएम के शहर में बिजली अफसर लापरवाह  

Sat, 22 Apr 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Power cut - फोटो : demo
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सीएम के शहर में बिजली निगम के अफसर लापरवाह हैं। शहर को 24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए शासन का आदेश है। ऐसे में ऊर्जा मंत्री पूर्व सूचना देकर ही बिजली कटौती करने के लिए निगम के अफसरों को कह चुके हैं। बावजूद इसके लापरवाह अफसरों का मनमाना रवैया जारी है। इसके चलते शुक्रवार को शहर के हजारों उपभोक्ताओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। 
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यूनिवर्सिटी और रुस्तमपुर उपकेंद्र की बिजली बिना बताए ही काट दी गई। इससे लोग गर्मी और उमस से परेशान हुए। कई घरों में पानी का संकट भी रहा।

यूनिवर्सिटी उपकेंद्र की बत्ती गुल होने से इससे जुड़े विजय चौक, गोलघर, काली मंदिर, धर्मशाला, पुलिस लाइंस, रेलवे रोड, बैंकरोड आदि इलाकों के लोगों ने सुबह 10 से शाम चार बजे तक सांसत झेली। इसी तरह मोहद्दीपुर उपकेंद्र के फीडर नंबर एक और दो की बत्ती भी इतनी ही देर बिना बताए काटी गई। दोनों जगहों पर हाईटेंशन लाइन की मरम्मत का काम कराया गया। रुस्तमपुर उपकेंद्र पर भी शटडाउन लेकर मेंटीनेंस का काम कराया गया। बिना सूचना दिए लिए गए इस शटडाउन के चलते शक्तिनगर, भरवलिया, आजादनगर, महुईसुघरपुर, राजीवनगर आदि इलाकों के लोगों ने दुश्वारियां झेलीं। कई घरों में रसोई का काम निपटाना मुश्किल हो गया। लोगों के घरों पर फ्रिजों में रखे खाद्य पदार्थ लंबे पॉवरकट के चलते खराब हो गए।

सूचना देने के नाम पर जारी मनमर्जी
अधीक्षण अभियंता ने कटौती की सूरत में पूर्व सूचना देने के लिए एक्सईएन और एसडीओ को कह रखा है। एसडीओ कभी कटौती की पूर्व सूचना दे देते हैं तो कभी भूल जा रहे। कई बार एक अखबार में सूचना देकर जिम्मेदारी पूरी मान ले रहे। ऐसे में शहर की बड़ी आबादी अपने क्षेत्र में होने वाली बिजली कटौती की जानकारी से वंचित हो जा रही है। इसके चलते जब बिजली गुल हो रही है तो लोग परेशान हो जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में लाइन कब आएगी, जानने के लिए उपभोक्ता कभी उपकेंद्र पर तो कभी अफसरों को फोन लगाते हैं। सीएम के शहर में बिजली अफसरों की मनमानी और लापरवाही से लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। 
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मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
महानगर के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि एसडीओ और एक्सईएन को काम होने की सूरत में बिजली कटौती की पूर्व सूचना उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। जबकि ऐसा हो नहीं रहा है। संबंधित एसडीओ और एक्सईएन को नोटिस भेजकर कटौती की सूचना सभी अखबारों को न देने की बाबत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अफसरों ने लापरवाह रवैया नहीं बदला तो कार्रवाई तय है। उपभोक्ताओं को हुई दिक्कत के लिए खेद है। सभी अफसरों को उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेह होना होगा। अपने कार्यालय से ही अब बिजली कटौती की पूर्व सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराऊंगा।   

एक-दूसरे पर थोपी जिम्मेदारी
जर्जर खंभों की मरम्मत के संबंध में गुरुवार को कई बार गोलघर के एसडीओ चंद्रशेखर चौरसिया और रुस्तमपुर के एसडीओ प्रमोद जायसवाल से बात हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने उपभोक्ताओं के हित में बिजली कटौती की सूचना क्यों नहीं दी पूछने पर जवाब लापरवाही भरा था। बोले, सेकेंड्री वर्ग डिवीजन को कुछ काम कराना था। इसलिए कटौती की सूचना उन्हें देनी चाहिए थी। रुस्तमपुर एसडीओ प्रमोद जायसवाल से पूछा गया तो उन्होंने शाम को छुट्टी लेकर शहर से बाहर जाने की बात कही। बोले, तब तक बिजली कटौती की योजना नहीं बनी थी। उन्होंने सेकेंड्री वर्क के जेई पर जिम्मेदारी थोप दी। रुस्तमपुर में काम करा रहे सेकेड्री वर्क के जेई आशीष मिश्र ने कहा कि अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता स्तर पर शटडाउन का निर्णय लिया जाता है। जेई को सिर्फ काम कराना होता है। कटौती की पूर्व सूचना उपभोक्ताओं तक सुनिश्चित करना बड़े अफसरों की जिम्मेदारी है।  

बिजली कटौती की सूचना सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचे इसके लिए एसई कार्यालय को जिम्मेदार बनाया जाएगा। अभी तक कहीं एसडीओ तो कहीं जेई मनमाने ढंग से कभी सूचित करके बिजली काट कर काम करा रहे हैं तो कभी बिना सूचना दिए। इससे निश्चित ही उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। 
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-एके सिंह, मुख्य अभियंता  
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