सड़कों पर खड़े वाहनों के कारण सोमवार को टीपीनगर से रुस्तमपुर तक लंबा जाम लग गया। चिलचिलाती धूप में कई घंटों तक लगे जाम से यात्री से लेकर आम जनता परेशान हो गई। हालांकि जाम लगने की मुख्य वजह प्रशासनिक लापरवाही है। डीएम और एसएसपी ने टीपीनगर से रुस्तमपुर तक सड़कों पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सोमवार को लगने जाम तो अब आम हो गया है। लेकिन टीपीनगर से अमर उजाला तिराहे तक पूरे हफ्ते जाम के कारण दस मिनट का सफर लोगों को घंटों में पूरा करना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह अवैध टेंपो स्टैंड और सड़कों पर बेतरतीब खड़े ट्रक, डीसीएम और टेंपो हैं। हालांकि इस समस्या से निजात के लिए डीएम ओएन सिंह और एसएसपी अनंत देव ने कुछ दिनों पहले रुस्तमपुर से नौसड़ तक निरीक्षण किया था।
हालांकि यह निरीक्षण टीपीनगर के गीडा स्थानांतरण को लेकर था, लेकिन जाम की समस्या को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने निर्देश दिया था कि सड़कों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों का चालान किया जाए। अधिकारियों के निर्देश के बाद एसपी सिटी हेमराज मीणा के नेतृत्व में अभियान भी चलाया गया, मगर एक दिन के बाद ही यह अभियान बंद हो गया। जिसका नतीजा सोमवार को फिर दिखाई दिया, जब उमस भरी गर्मी में लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
होमगार्ड संभालते हैं ट्रैफिक
रुस्तमपुर में जाम की मुख्य वजह ट्रैफिक पुलिस की तरफ से किसी तरह का प्लान न होना है। सिर्फ दो होमगार्डों के भरोसे ट्रैफिक को कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है, जबकि चौराहे पर चारों तरफ से वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इस वजह से यहां सुबह से लेकर शाम तक जाम लगा रहता है।