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एनीस्थिसिया, सर्जन की कमी से ऑपरेशन प्रभावित

Fri, 12 Aug 2016 07:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल को एनएबीएच के मानक को बनाए रखने के लिए एक-एक कर सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं। मगर डॉक्टरों की कमी के वजह से दिक्कत आ रही है। एनीस्थिसिया, सर्जन की कमी के कारण ऑपरेशन का कार्य प्रभावित हो रहा है। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए शासन को पत्र लिखकर डॉक्टर की मांग की गई है।
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जिला अस्पताल में एनीस्थिसिया का कोई डॉक्टर नहीं है।एसआईसी डॉ. एचआर यादव की पहले बेहोशक के रूप में तैनाती की गयी थी लेकिन अब वे अस्पताल के एसआईसी के रूप में कार्य कर रहे हैं। प्रशासनिक कार्याें की ही व्यस्तता इतनी अधिक है कि वे चाह कर भी हर दिन आर्थो व जनरल ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी नहीं कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में सर्जरी का होना मुश्किल हो गया है। हालांकि कई बार एसआईसी बेहोशक की भूमिका भी निभाते हैं और सर्जरी कराते हैं लेकिन यह समस्या का स्थायी निदान नहीं है।

हड्डी एवं जोड़ रोग के डॉक्टरों की जिला अस्पताल में कमी नहीं है लेकिन जनरल सर्जरी के सिर्फ  दो ही डॉक्टर हैं। इसमें से एक सर्जन डॉ. एके श्रीवास्तव अस्पताल के एमएस के रूप में कार्य कर रहे हैं। जबकि दूसरे सर्जन डॉ. आरडी रमन हैं। डॉ. एके श्रीवास्तव ने एसआईसी को पत्र लिख कर स्पष्ट कर दिया है कि एमएस के दायित्वों का निर्वहन करते हुए ऑपरेशन करना तथा ओपीडी में मरीजों को देखना संभव नहीं है। पत्र मिलने के बाद एसआईसी ने उन्हें जिला अस्पताल के सर्जन की सूची से बाहर कर दिया है।
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बचे एक सर्जन डॉ. आरडी रमन को ही अब सर्जरी भी करनी है और ओपीडी में मरीजों को भी देखना है। आर्थो व जनरल ऑपरेशन कक्ष में सर्जरी करने के लिए बेहोशी के कम से कम दो डॉक्टरों तथा एक सर्जन की तत्काल में जरूरत है। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए एसआईसी ने शासन को पत्र भेज कर डॉक्टर उपलब्ध कराने को कहा है।
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