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खुली सीमा भारत और नेपाल के लिए खतरा

Fri, 10 Mar 2017 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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दीप कुमार उपाध्याय का स्वागत करते गोरखा समाज के लोग। - फोटो : Amar Ujala
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भारत-नेपाल खुली सीमा दोनों देशों की सुरक्षा के लिए खतरा है। दोनों ही देश आतंकवाद और नकली नोटों की समस्या से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। नेपाल की आर्थिक समृद्धि के लिए भारत का सहयोग बेहद जरूरी है। इसके लिए आवश्यकता है की नेपाल में बनी वस्तुओं का निर्यात भारत में हो। इसके लिए दोनों के देशों के बीच व्यापार पर लगने वाले टैक्स में कटौती करना बेहद जरूरी है। मौजूदा समय में नेपाल भारत से 12 वस्तुओं का आयात करता है और महज एक वस्तु का निर्यात। इसमें सुधार से नेपाल में उत्पादन का माहौल बनेगा और उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।
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ये बातेें गुरुवार को यूथ इंडिया के कार्यक्रम में शिरकत करने शहर पहुंचे नेपाल के राजदूत दीप कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होनें कहा कि भारत और नेपाल के संबंध अन्य देशों की अपेक्षा में ज्यादा प्रगाढ़ है। विकास के लिए दोनों देशों के बीच तकनीकी, शिक्षा, कृषि के साथ रेलवे और हवाई क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा की नेपाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू तो हुई है लेकिन उसके क्रियान्वयन के लिए आने वाले 10 महीनों में तीन चरणों में चुनाव होना है, जिसके बाद वहां भी संविधान लागू हो जाएगा। कार्यक्रम में महापौर डॉ सत्या पांडेय और पवन बथवाल ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। संचालन पवन उपाध्याय ने किया। 

गौतम गुरूंग की मूर्ति पर किया माल्यार्पण
नेपाल में तैनात भारतीय राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने एक कार्यक्रम के तहत कूड़ाघाट तिराहे पर गौतम गुरूंग की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। भारतीय गोरखा समाज के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में गोरखा समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया और समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी उन्हें दिया। इस मौके पर तारा छेत्री, एल प्रसाद, अनिल क्षेत्रीय, ओम बहादुर, तुल बहादुर, मस्तराज यादव, प्रतिमा छेत्री, गौरव छेत्री, उत्तम सिंह, देवराज थापा, डंवर बहादुर आदि मौजूद उपस्थित थे।
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