गोरखपुर। छोटी सी चूक ने जिले के सैकड़ों किसानों के होश फाख्ता कर दिए। पूरी कीमत देकर गेहूं बीज खरीदने के बाद सब्सिडी का इंतजार कर रहे किसानों के खाते में जब महज दो और चार रुपये पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। किसान जब ब्लाक से लेकर तहसील और विकास भवन में शिकायत लेकर पहुंचे तो अफसर भी सकते में आ गए।
जांच-पड़ताल शुरू हुई तो चूक पकड़ में आई । कृषि महकमे का कहना है कि खामियों को दुरुस्त कर फिर से नया बिल तैयार कर ट्रेजरी महकमे को फाइल भेज दी गई है। जल्द ही सब्सिडी की सही रकम किसानों के खाते में पहुंच जाएगी।
बता दें कि अब बीज खरीद की व्यवस्था बदल दी गई है। नई व्यवस्था के तहत बीज खरीद के बाद किसानों के खाते में सब्सिडी भेजी जा रही है। प्रति क्विंटल बीज की खरीद पर 1400 रुपये सब्सिडी का प्रावधान है। एक किसान को एक क्विंटल प्रति हेक्टेअर बीज देने का प्रावधान है। किसी भी किसान को दो क्विंटल से अधिक बीज नहीं दिया जा सकता।
गेहूं का बीज खरीदने के बाद जिले के तमाम किसानों के खाते में सब्सिडी की रकम तो पहुंच गई मगर छह से अधिक ब्लाकों तीन सौ से अधिक किसानों के खाते में मानक से बहुत कम सब्सिडी पहुंची। किसी-किसी के खातों में तो दो-चार रुपये ही पहुंचे। छानबीन में पाया गया कि डाटा फीडिंग के दौरान ही ऑपरेटरों ने गड़बड़ी कर दी थी जिस वजह से यह दिक्कत हुई।