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थोक बाजार में प्याज ने लगाया ‘शतक’ तो फुटकर बाजार में दिखा असर, इस तारीख से मिलेगी राहत!

Wed, 04 Dec 2019 06:22 PM IST
विजय जैन संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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80 रुपये किलो बिक रहा प्याज - फोटो : अमर उजाला
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एक सप्ताह में ही प्याज की कीमत में लगभग 20 रुपये प्रति किलो का उछाल आ गया है। मंगलवार को थोक बाजार में प्याज 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया । फुटकर में इसकी बिक्री 100 से 110 रुपये किलो तक हुई। प्याज की बढ़ती कीमत के कारण आमजन के साथ ही व्यापारी भी परेशान हैं। उन्हें कारोबार में लगातार घाटा हो रहा है।
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प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

हालात ये हैं कि थोक के साथ फुटकर बाजारों से भी प्याज गायब हो चुका है। ढूंढने के बाद मुश्किल से ही किसी दुकान पर प्याज मिल रहा है। मंडी में जहां आम दिनों में पांच गाड़ी हर दिन प्याज की खपत होती थी वहीं अब मुश्किल से एक गाड़ी प्याज ही खप पा रहा है। प्याज की कीमतें बढ़ने का हर्जाना प्याज के थोक व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।

वहीं फुटकर दुकानदार प्याज को छोड़ दूसरी सब्जियों से दुकानदारी कर रहे हैं। शहर के शास्त्री चौक पर लगने वाले सब्जी बाजार में जहां प्याज की आठ से दस दुकानें लगती थीं। मंगलवार को सिर्फ एक दुकान ही प्याज की दिखी। असुरन चौक पर भी प्याज की सिर्फ दो ही दुकानें नजर आईं।
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पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा प्याज

महेवा मंडी के थोक प्याज व्यापारियों ने बताया कि प्याज उत्पादक राज्यों में हुई असमय बारिश के बाद प्याज की फसल बर्बाद हो गई थी, जिससे नई प्याज आने में देर हो रही है। अब तक पुराने प्याज से ही काम चल रहा है। मंडी में नई फसल की आवक तो शुरू हो गई है लेकिन यह काफी कम है।

20 प्रतिशत रह गई खपत
मंडी व्यापारियों ने बताया कि प्याज की खपत न के बराबर हो रही है। पहले जहां मंडी में 125 से 150 टन तक प्याज खप जाता था वहीं अब मुश्किल से 25 टन प्याज की खपत हो पा रही है।

15 दिसंबर के बाद राहत के आसार
मंडी के प्याज व्यापारियों ने बताया कि बारिश से फसल खराब हो गई नहीं तो अब तक नये प्याज मंडी पट गई होती। ऐसे में 15 दिसंबर के बाद नई फसल पूरी तरह से बाजार में आ जाने की संभावना है।
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बातचीत
प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण दुकानदारी खराब हो गई है। पहले रोजाना मंडी में जहां 150 टन तक प्याज की खपत हो जाती थी वहीं अब 25 टन प्याज भी मुश्किल से बिक रहा है।
- शम्स तबरेज राइन, प्याज व्यापारी

प्याज उत्पादक राज्यों में फसलों को बारिश की मार झेलनी पड़ी है। इसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है। फसल खराब होने से अभी प्याज की आवक कम है जिससे दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
- आजाद, प्याज व्यापारी

प्याज के दाम बढ़ने से ऐसी सब्जियों को किचेन में पका रही हूं जिसमें प्याज का इस्तेमाल न हो। प्याज इस्तेमाल करने से किचेन का बजट गड़बड़ हो जा रहा था।
- रोमा, गृहणी

प्याज के बिना कोई भी सब्जी स्वादिष्ट नहीं बनती। घर में हर दिन कम से कम एक किलो तक प्याज की खपत होती थी। अब एक पाव में ही काम चलाया जा रहा है।
- मोनिका, गृहणी
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