रिश्वत लेने के आरोप में प्रभारी एडीओ समाज कल्याण निलंबित
रिश्वत लेते वायरल हुआ था वीडियो, तमकुही और सेवरही का भी चार्ज था
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। अपने दफ्तर में बैठकर रिश्वत लेते तमकुही एवं सेवरही के प्रभारी एडीओ समाज कल्याण का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें शासन के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर आरोपी प्रभारी एडीओ समाज कल्याण सहित दो व्यक्तियों पर तरयासुजान थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ है।
तमकुही एवं सेवरही के प्रभारी एडीओ समाज कल्याण का रिश्वत लेते हुए बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। इसकी खबर ‘अमर उजाला’ ने फोटो के साथ प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मामला डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह के संज्ञान में आने पर उन्होंने इसकी जांच कर आवश्यक कदम उठाने का जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया था।
इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी टीके सिंह ने अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए शादी अनुदान योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र में निमंत्रण कार्ड बदलने के लिए खंड विकास कार्यालय में रुपये लिए जाने के संबंध में विभाग के निदेशक से विधिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। डीएम की ओर से एसडीएम तमकुुहीराज की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम ने प्रकरण की जांच की। जांच में प्रभारी एडीओ समाज कल्याण दोषी पाए गए।
इसके बाद निदेशक बाल कृष्ण त्रिपाठी के निर्देश पर प्रभारी एडीओ समाज कल्याण राकेश यादव को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें उपनिदेशक गोरखपुर के कार्यालय से संबद्घ करते हुए उप निदेशक गोरखपुर मंडल को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसके अलावा जिला समाज कल्याण अधिकारी ने तरयासुजान थाने में खुद तहरीर देकर प्रभारी एडीओ समाज कल्याण राकेश यादव तथा राजकुमार नाम के एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया है। डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए प्रभारी एडीओ समाज कल्याण के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।