पहले स्वास्थ्य केंद्र, फिर जिला अस्पताल और अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के स्टोर में भी वैक्सीन खत्म होने पर लोगों को लौटा दिया गया। अब मरीज प्राइवेट दुकानों से वैक्सीन खरीदने को मजबूर है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त के वैक्सीन के लिए लोगों को बाहर 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
ठंड के मौसम आने के साथ ही कुत्ते के काटने से प्रभावित लोगों की संख्या भी बढ़ जाती है। हर स्वास्थ्य केंद्र पर यह सुविधा नि:शुल्क है, मगर दवा खत्म होने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हुई, तो मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाने लगा। गरीब मरीज बाजार से वैक्सीन खर्च करने में समर्थ नहीं होने के नाते किराया भाड़ा खर्च कर जिला अस्पताल आ रहे थे। मगर यहां भी वैक्सीन खत्म हो गई। इसके बाद अब उनके पास मेडिकल कॉलेज ही एक सहारा बचा था।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज में भी एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई, लिहाजा मरीजों को लौटा दिया गया। जिम्मेदार अफसर कहते हैं कि बजट न होने से मुसीबत हो रही है। शासन को पत्र लिखा गया है, जल्द ही वैक्सीन आ जाएगी। सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि पत्र शासन को लिखा गया है, जल्द ही उम्मीद है कि वैक्सीन आ जाएगी। कुछ ऐसा ही जवाब जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन का भी है।