एनएचएम के संविदा कर्मचारियों के पीएफ अंशदान को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति पर सख्ती के बाद अब पीएफ महकमे ने मनरेगा मजदूरों को पीएफ दिलाने की कवायद तेज कर दी है। शुक्रवार को पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने 12 जिलों के ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक (पीडी) को समन जारी कर इन मजदूरों को दिए गए रोजगार और भुगतान से संबंधी पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है। इसके लिए परियोजना निदेशकों को 20 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है।
तय समय के भीतर दस्तावेज न देने पर संबंधित पीडी के खिलाफ जमानती वारंट और उसके बाद भी उपस्थित न होने पर गैर जमानती वारंट भी जारी हो सकता है। पीएफ कमिश्नर के मुताबिक प्रारंभिक आकलन के मुताबिक वर्ष 2015-16 के 46.73 लाख मनरेगा मजदूर इस कार्रवाई से लाभान्वित होंगे। इन मजदूरों को एक अप्रैल 2015 से पीएफ का लाभ मिलेगा। इन मजदूरों के लिए एक अच्छी सूचना यह भी है कि एक अप्रैल 2015 से लेकर अभी तक मजदूरों और विभाग दोनों के हिस्से के अंशदान का भुगतान ग्राम्य विकास विभाग को ही करना होगा।
खोलने पड़ेंगे चार क्षेत्रीय दफ्तर
पीएफ कमिश्नर 12 जिलों के इन मनरेगा मजदूरों को अगर पीएफ का अंशदान जमा कराने में सफल रहे तो प्रदेश में कानपुर, मेरठ जैसे चार क्षेत्रीय कार्यालय खोलने के साथ ही इतने बड़े खातों के संचालन के लिए स्टॉफ की भी संख्या बढ़ानी पड़ेगी। मानक के मुताबिक 10 लाख पीएफ खाता धारकों पर एक क्षेत्रीय कार्यालय का गठन होता है।
इन जिलों के पीडी को भेजा गया समन
गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और बलिया।
जिला मनरेगा मजदूरों की संख्या
बहराइच 5.01 लाख
बलिया 3.89 लाख
बलरामपुर 2.53 लाख
बस्ती 4.76 लाख
देवरिया 2.81 लाख
गोंडा 3.45 लाख
गोरखपुर 4.42 लाख
कुशीनगर 5.17 लाख
महराजगंज 4.84 लाख
संतकबीरनगर 3.54 लाख
श्रावस्ती 1.73 लाख
सिद्धार्थनगर 4.50 लाख