सर्व शिक्षा अभियान के तहत तैनात संविदा कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान न जमा करने पर क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय गोरखपुर ने 12 जिले के बीएसए को समन भेजा है। इन कर्मचारियों का एक अप्रैल 2015 से पीएफ का अंशदान का बकाया है, जिसपर यह कार्रवाई हुई। इन सभी बीएसए को संबंधित कर्मचारियों के मानदेय आदि से जुड़ी फाइलें उपलब्ध कराने को 15 दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद पीएफ महकमा कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम की धारा सात ए के तहत इन कर्मचारियों के पीएफ अंशदान का आकलन करेगा। बकाया तय होने के बाद इसकी वसूली की जाएगी।
समन के मुताबिक तय समय में कर्मचारियों का डाटा न उपलब्ध कराने पर संबंधित बीएसए पर कार्रवाई हो सकती है। पहले जमानती वारंट और फिर गैर जमानती वारंट तक जारी किया जा सकता है। इस कार्रवाई से मामला गोरखपुर, बस्ती, श्रावस्ती, आजमगढ़ आदि मंडल में सर्व शिक्षा अभियान के तहत तैनात 80 हजार से अधिक रसोइयों, शिक्षा मित्रों, कस्तूरबा विद्यालयों के कर्मचारियों, शिक्षकों को पीएफ का लाभ मिलेगा। यही नहीं, समय पर इन संविदा कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान न जमा करने पर अब शिक्षा विभाग को ही एक अप्रैल 2015 से लेकर अभी तक का विभाग के साथ ही साथ इन कर्मचारियोें के हिस्से का भी अंशदान खुद ही जमा करना होगा।
इन जिलों के बीएसए को भेजा गया समन
गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और बलिया।
करीब साल भर से संबंधित बीएसए को आगाह किया जा रहा था। 30 जून 2016 को लेटर भी लिखा गया। पीएफ का अंशदान जमा करने के लिए एक नवंबर को सभी जिलों के लिए कोड भी आवंटित कर दिया गया, मगर इसके बाद भी किसी ने अंशदान नहीं जमा किया। इस पर बीएसए को समन जारी कर 15 दिन में रिकार्ड देने को कहा गया है।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर