राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हजारों संविदा कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान नहीं जमा करने पर पीएफ कार्यालय ने 12 जिलों के सीएमओ को समन जारी किया है।
सभी संबंधित कर्मचारियों के विभागीय दस्तावेजों के साथ इन सीएमओ को 31 अक्टूबर तक पीएफ कार्यालय में उपस्थित होना होगा। इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के तहत धारा सात ए की कार्रवाई शुरू होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि इन कर्मचारियों के पीएफ का कितना बकाया बनता है। बकाया निर्धारण के बाद सभी को नोटिस भेजकर रकम जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से करीब 35 हजार संविदा कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
जिन जिलों के सीएमओ पर कार्रवाई हुई है उनमें गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बलिया शामिल है। दरअसल सरकार की तरफ से जारी हुए नोटिफिकेशन में एनएचएम के तहत भर्ती संविदा कर्मियों से पीएफ का अंशदान नहीं लिए जाने की व्यवस्था थी। मगर यह नियम 31 मार्च 2015 तक के लिए ही था। सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया जिसपर पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह के निर्देश पर अब एनएचएम के तहत भर्ती किए गए सभी संविदा कर्मचारियों का एक अप्रैल 2015 से लेकर अब तक के पीएफ अंशदान की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।
विभाग ने दो बार भेजा रिमाइंडर
बकाया रकम जमा कराने के लिए पीएफ विभाग ने संबंधित जिलों के सीएमओ के अलावा डीएम, कमिश्नर, निदेशक एनएचएम और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भी छह अप्रैल 16 को ही पत्र लिखा था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर 19 जुलाई और 29 अगस्त को दो रिमाइंडर भी भेजे। यही नहीं पीएफ के अंशदान का बकाया जमा करने के लिए सभी को कोड भी एलॉट किए गए। जब इसपर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीएफ कमिश्नर के निर्देश पर सभी सीएमओ को कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम की धारा सात ए के तहत समन भेजा गया। सभी सीएमओ को संबंधित संविदा कर्मियों के नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि और ज्वाइनिंग से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है।
सरकार को देना होगा कर्मचारियों का भी अंशदान
पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने बताया कि समय से कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान नहीं जमा करने की वजह से अब सरकार को ही एक अप्रैल 2015 से अभी तक का विभाग के साथ ही साथ कर्मचारियों के हिस्से का भी अंशदान जमा करना पड़ेगा।