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एसबीआई, पीएनबी में शाम तक उमड़ा रहा भीड़ का रेला 

Mon, 05 Dec 2016 08:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सोमवार को एटीएम पर लंबी लाइन लगी रही। - फोटो : ‌‌shivharsh
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 आरबीआई से करेंसी न मिलने से सोमवार को हालात और खराब हो गए। आधे से अधिक बैंकों के कैश काउंटर और एटीएम जहां खाली रहे वहीं कुछ पर सुबह से ही लंबी कतार लगी रही। जिन एटीएम में थोड़ा कैश रहा वहां से ज्यादातर दो हजार के नोट निकले जो हाथ में आने के बाद भी परेशानी नहीं दूर कर सके।
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एसबीआई, पीएनबी और एचडीएफसी से ही लोगों को कैश मिल सका, मगर शाम तक इनक ी भी कई शाखाओं में करेंसी खत्म हो गई। शहर के 70 फीसदी एटीएम के दरवाजे सुबह से खुले ही नहीं। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी लोगों को फिर पूरी सैलरी नहीं मिल सकी। किसी को 10 हजार रुपये मिले तो किसी को 15 हजार। प्राइवेट बैंकों ने खुद के ग्राहकों को ही तरजीह दी। शाखा दूसरी होने पर भी तमाम लोगों को लाइन से लौटा दिया गया। 


एसबीआई मुख्य ब्रांच में सर्वाधिक भीड़ देखने को मिली। सुबह बैंक खुलने के दो घंटे पहले ही बैंक के बाहर लाइन लग गई थी। वहीं मुख्य ब्रांच के एटीएम में भी भीड़ की कतार सड़क तक पहुंच गई थी। पीएनबी की कूड़ाघाट शाखा में भी ग्राहकों का रेला लगा रहा। सिटी माल के सामने चल रहे यस और कोटेक महिंद्रा के एटीएम के सामने लगी कतार भी सड़क तक पहुंच गई थी। इसी तरह रेलवे जीएम दफ्तर के पास स्थित एसबीआई और आईडीबीआई एटीएम के बाहर दो सौ की संख्या में लोगों की भीड़ लगी रही। शाम तक ये दोनों एटीएम भी जवाब दे गए।
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मंगलवार को छुट्टी होने से बैंक नहीं खुलेंगे। एसबीआई, पीएनबी और एचडीएफसी के कुछ एटीएम से दोपहर तक रुपये मिलने की उम्मीद है। बुधवार की सुबह तक अगर करेंसी नहीं मिली तो संकट और गहरा सकता है। उधर, सोमवार की शाम तक आरबीआई की तरफ से किसी भी बैंक को यह ठोस आश्वासन नहीं मिला कि करेंसी कब मिलेगी। गांवों में और खराब रहे हालात गोरखपुर। गांव में हालात और खराब रहे। ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर पूर्वांचल बैंक की शाखाएं हैं पर कहीं पर भी कैश नहीं रहा। एसबीआई और पीएनबी की कुछ शाखाओं ने रुपये दिए भी तो वो भी 500, हजार से ज्यादा नहीं। कड़कड़ाती ठंड में भी सुबह से ही बैंकों के सामने सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। जब 10-11 बजे के करीब उन्हें बताया गया कि रुपया नहीं है तो सभी के चेहरे मुरझा गए। लीड बैंक मैनेजर राजकुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों की बैंक शाखाओं के लिए शुक्रवार को आरबीआई से अलग से 140 करोड़ रुपये जारी किए गए थे मगर सब खत्म हो गए। सप्ताह भर के लिए भेजी गई 500 करोड़ की डिमांड गोरखपुर। बैंकों में कैश की समीक्षा के बाद लीड बैंक मैनेजर राजकुमार सिंह ने सोमवार की शाम आरबीआई को पांच सौ करोड़ रुपये की डिमांड भेजी। उन्होंने बताया कि डिमांड के मुताबिक पूरी रकम न मिलने से हर दूसरे-तीसरे दिन संकट गहरा जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार सप्ताह भर के लिए उक्त रकम की डिमांड भेजी गई है। 1800 करोड़ पुराने नोट जमा, 536 करोड़ बांटे गए गोरखपुर। आठ नवंबर की रात से पांच सौ और हजार की नोट पर पाबंदी के बाद अब तक पुराने नौट के तौर पर 1800 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हो चुके हैं जबकि 536 करोड़ रुपये बांटे या बदले जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार द्वारा दी गई 30 दिसंबर की तय मोहलत तक करीब 2000 करोड़ रुपये जमा हो सकते हैं। 
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