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प्रमोद यादव बने जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष

Mon, 05 Dec 2016 08:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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नवनियुक्त चेयरमैन प्रमोद यादव के साथ पूर्व मंत्री जय प्रकाश यादव, विधायक विजय बहादुर यादव व अन्य। - फोटो : ‌‌shivharsh
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जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को हुए चुनाव में प्रमोद यादव निर्विरोध चुन लिए गए। 14 सदस्यों वाले निदेशक मंडल में कोई भी सदस्य उनके विरोध में नहीं आया। समाजवादी पार्टी द्वारा अंतिम क्षणों में प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया था। हालांकि चार सदस्य चुनाव के दौरान बैंक नहीं गए।

बता दें कि जनवरी 2013 में हुए चुनाव में रामदरश विद्यार्थी को जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष चुना गया था। बैंक का लाइसेंस पहले से निरस्त था। उसे दुबारा लाइसेंस देने के लिए आरबीआई और नाबार्ड ने एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि जिस निदेशक/ अध्यक्ष के कार्यकाल में बैंक कमजोर हुआ उसके रहते बैंक का लाइसेंस नहीं जारी किया जा सकता। इस सूचना के बाद विद्यार्थी ने बैंक के हित में  इस्तीफा दे दिया। तबसे बैंक के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य देख रहे थे।
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इस बीच शासन की तरफ से बैंक के अध्यक्ष का चुनाव कराये जाने का निर्देश स्थानीय प्रशासन को हुआ। उसके बाद प्रमोद यादव, पूर्व अध्यक्ष की पत्नी रीना यादव, और कार्यवाहक अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी ने सपा का प्रत्याशी बनने का प्रयास किया। सपा की तरफ से पहले प्रमोद यादव का नाम घोषित किया गया। देर शाम को जिलाध्यक्ष की तरफ से रिलीज जारी की गई कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब रीना यादव पार्टी की प्रत्याशी होंगी। अखबारों में खबर छपने के बाद प्रमोद खेमा  लखनऊ में सक्रिय हो गया। 9 बजते -बजते जिलाध्यक्ष के पास पार्टी कार्यालय से दूसरा फैक्स आ गया। जिसमें कहा गया कि प्रमोद यादव ही पार्टी के प्रत्याशी रहेंगे। इस सूचना के बाद सपा के नेता सहकारी बैंक के इर्द गिर्द जमा होने लगे। 11 बजे तक सपा का झंडा लगी लग्जरी गाड़ियों की बैंक के पास कतार लग गई। कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन का समय बीतने के बाद तय हो गया कि प्रमोद यादव जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष होंगे। उनके मुकाबले किसी ने पर्चा नहीं भरा। ढाई बजे उनके नाम की घोषणा कर दी गई। घोषणा होने पर सपा नेताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
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