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कुछ बैंकों ने दिया साथ, बाकी ने किया निराश

Mon, 28 Nov 2016 07:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सोमवार को बैंक खुलने पर भीड़ उमड़ पड़ी। - फोटो : rajesh
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दो दिनों की बंदी के बाद सोमवार की सुबह जब लोग बैंक और एटीएम पहुंचे तो उन्हें उम्मीद थी कि जरूरत की रकम मिल जाएगी, लेकिन कुछ बैंकों को अगर छोड़ दिया जाए तो बाकी की स्थिति ठीक नहीं रही। करेंसी न आने से लोगों को रुपये के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। बैंक आफ बड़ौदा से रकम मिलने के बाद दोपहर बाद जाकर स्थिति में कुछ सुधार हुआ। 
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आरबीआई से मांग के अनुरूप करेंसी नहीं मिलने से अधिकांश बैंकों और एटीएम पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी। सोमवार को 20वें दिन भी हालात में बहुत सुधार नहीं दिखा। आठ नवंबर की रात नोट बंदी के बाद से ही बैंक काउंटर व एटीएम पर जो लाइन लगनी शुरू हुई है, वह सोमवार को भी जारी रही। दो दिनों की बंदी के बाद सोमवार को जब बैंक खुले तो धन निकासी के लिए लोग उमड़ पड़े। अधिकांश ग्राहकों ने अधिकतम सीमा तक कैश निकालने का प्रयास किया लेकिन बैंकों ने थोड़े-थोड़े रुपये सबको देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया। कई ग्राहकों ने पांच सौ के नए नोट की डिमांड की, लेकिन बैंकों ने नये नोट का वितरण नहीं किया। एटीएम से भी नए नोट की निकासी नहीं हुई। बैंक आफ  बड़ौदा ने आरबीआई के निर्देश पर 16 बैंकों को सवा-सवा करोड़ रुपये दिए। इसके चलते दोपहर बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ। एसबीआई के एजीएम अमर सिंह का कहना है कि मंगलवार से लोगों को पांच सौ के नए नोट मिलने लगेंगे। इन बैंकों को मिले रुपये एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स  एटीएम का भी बहुत कम मिल रहा सहारा कुछ ही बैंकों के एटीएम नोटबंदी के बाद लोगों का साथ दे पा रहे हैं, जबकि अधिकांश बैंक अपनी मुख्य शाखाओं के एटीएम में ही नोट भरने का काम कर रहे हैं। इसी वजह से सोमवार को भी एचडीएफसी, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा एटीएम का लोगों को सहारा मिला। आलम यह है कि एटीएम में कैश डालने के लिए जैसे ही गाड़ी पहुंच रही है, लोग लाइन लगाना शुरू कर दे रहे हैं। साथ ही अपने जानने वालों को भी फ ोन कर बता रहे हैं। सोमवार को बैंक रोड स्थित एटीएम प्लाजा पर भी काफ ी लंबी लाइन लगी रही। हालांकि अधिकांश एटीएम से दो हजार के नये नोट निकल रहे हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों के खाते में दो हजार से कम बैलेंस है उन्हें निराशा हो रही है।
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मंडी समिति ने संभाला बैंक आफ  बड़ौदा की बेतियाहाता शाखा में मंडी समिति का खाता होने से बैंक को जमा धन के रूप में छोटे नोट अधिक मिल रहे हैं। ऐसे में बैंक ग्राहकों को जमा धन से ही भुगतान कर रहा है। इस शाखा के जरिये अन्य शाखाओं का भी सहयोग किया जा रहा है।  सेंट्रल बैंक में जमा कराए 10 लाख के छोटे नोट  नोटबंदी में अब बैंकों को हालात से निपटने के लिए उद्यमियों का भी साथ मिलने लगा है। अभी कुछ दिन पहले क्रेजी ब्रेड के मालिक ने पूर्वांचल बैंक में 16 लाख रुपये के छोटे नोट जमा कराए थे, वहीं सोमवार को उद्यमी आनंद रूंगटा ने सेंट्रल बैंक में 10 लाख रुपये के छोटे नोट जमा कराए।
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