प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाती पुलिस।
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हॉस्टल में सुरक्षा की मांग लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सोमवार को गेट के सामने रास्ता जाम कर दिया। जाम की खबर मिलते ही पुलिस और यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समझाया, लेकिन आंदोलित छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर छात्रों का हटाया। इसके चलते आवागमन भी बाधित रहा।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे यूनिवर्सिटी गेट पर छात्र एकत्र होने लगे। एक घंटे बाद अचानक छात्रों का गुट यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गया। गार्ड ने प्राक्टर, रजिस्ट्रार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने छात्रों को समझाना चाहा, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में दो दिनों से फायरिंग हो रही है, मगर हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर भी यूनिवर्सिटी प्रशासन गंभीरता नहीं बरत रहा है। आलम यह है की आए दिन परिसर और हॉस्टल में अराजकतत्व घूमते रहते हैं। हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरा आजतक नहीं लगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन सिर्फ आश्वासन ही देता है।
पुलिस ने जब छात्रों को सड़क से हटाया तो वे गेट पर प्रदर्शन करने लगेे। संतकबीर हॉस्टल के वार्डेन प्रो. संजय बैजल और अधीक्षक डॉ एके दीक्षित ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र नहीं माने। बाद में रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविंद ने छात्रों की समस्याएं और मांगें सुनीं और उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया तब जाकर तकरीबन दो बजे छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में पवन कुमार पांडेय, अनूप कुमार मद्धेशिया, निहाल पांडेय, तुषार यादव, राजन पांडेय, आदित्य मिश्रा, श्वेतांशु पांडेय, संजीव मिश्रा ,सूर्य प्रताप शाही, रवि राम, पंकज शाह आदि छात्र शामिल थे।
रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविंद ने बताया कि यूनिवर्सिटी में फैली अराजकता को दूर करने के लिए पीएसी कैंप करने व पुलिस बल लगाने को लेकर डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा गया है। सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी निर्देश दे दिए गए हैं। उधर, सीओ कैंट अभय कुमार मिश्र ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर जो भी मद्द यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मांगी जाएगी उसे उपलब्ध कराया जाएगा।