विधानसभा के इस चुनाव प्रचार में जहां भाजपा, सपा कांग्रेस गठबंधन और बसपा की ‘गूंज’ थी, वहीं पहली बार चुनाव मैदान में उतरे निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल ने चुनाव परिणाम में खासा दमखम दिखाया। स्थिति यह रही कि इस दल ने राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों को खासी टक्कर दी। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट पर तो इसने बसपा को पीछे छोड़ कर तीसरा स्थान हासिल किया।
गोरखपुर जिले के कई विधानसभा क्षेत्रों में निषाद समाज के लोगों की संख्या अच्छी खासी है। इस समाज पर निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद की अच्छी खासी पकड़ थी। वहीं पीस पार्टी के डॉ. अय्यूब की मुस्लिम समाज में पैठ है। इसको देखते हुए दोनों नेताओं ने अपने-अपने दलों ने मिलकर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल गठित किया। इस समीकरण का चुनाव में भी असर दिखा। भले ही इस दल के प्रत्याशी गोरखपुर जिले में एक भी सीट हासिल नहीं कर सके, लेकिन अपने पहले चुनाव में अपनी ताकत का अहसास कराया। इस दल के प्रत्याशी डॉ. संजय निषाद ने गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 34 हजार से ज्यादा वोट हासिल किया। उन्होंने बसपा प्रत्याशी राजेश पांडेय से करीब 5000 ज्यादा वोट हासिल किया।
सहजनवां विधानसभा क्षेत्र के इस दल के प्रत्याशी ने 15 हजार से ज्यादा मत हासिल किया और चौथे स्थान पर रहे। चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से भी इस दल के प्रत्याशी ने 13 हजार से ज्यादा, खजनी से इस दल के प्रत्याशी ने न सिर्फ 11 हजार से ज्यादा मत हासिल किया बल्कि कांग्रेस प्रत्याशी कमल किशोर कमांडो से छह हजार से ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब रहे। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से इस दल के प्रत्याशी ने भी करीब 11 हजार वोट हासिल किए। चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे।