आधी आबादी की आर्थिक मदद को बनाए गए निर्भया फंड के इस्तेमाल में आज भी प्रशासनिक अफसर पीछे हैं। फंड का इस्तेमाल सिर्फ आर्थिक मदद को ही किया जाता है। आज तक इसका इस्तेमाल कर सीसी टीवी कैमरे नहीं लगाए जा सके। ना ही कोई अन्य संसाधन महिला सुरक्षा को बढ़ाए जा सके। महिला आरक्षियों को बाइक देने की योजना भी पूरी तरह से अमल में नहीं आ सकी है।
दिल्ली में निर्भया कांड के बाद ही तत्कालीन सरकार ने फंड दिया था। इसके तहत दुष्कर्म, छेड़खानी सहित महिला अपराध से संबंधित धाराओं में आर्थिक मदद दी जाती है ताकि कानूनी लड़ाई में रुपये की कमी ना आ सके। इसी फंड के तहत रानी लक्ष्मी बाई योजना भी चलती है।
गोरखपुर जिले में इस योजना के तहत 43 लोगों की तीन साल में मदद की जा चुकी है। वहीं पांच मामलों की फाइल तैयार कर भेजी गई है। जिला प्रोवेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि तीन साल में 43 लोगों की आर्थिक मदद की जा चुकी है। पांच लोगों के मदद के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही उन्हें भी मदद दिलाया जाएगा।