गोरखपुर से चुराकर गाड़ी भेजी जा रही चीन
गोरखपुर। गोरखपुर से चोरी कर चार पहिया वाहनों को बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल में बेचे जाने की खबर मिलती रही है। यह पहला वाकया जब गोरखपुर से चोरी स्कार्पियो को सिक्किम से बरामद किया गया। कैट थाने के दो दरोगा, सर्विलांस सेल के सिपाही व स्कार्पियो मालिक टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज को जांचते हुए सिलीगुड़ी तक पहुंच गए। इसी बीच सिक्किम पुलिस ने चोरी की स्कार्पियो पकड़ ली। इसपर बिहार का फर्जी वाहन नंबर बीआर 34 टी 1234 लगा था। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि स्कार्पियो को सिक्किम से चीन ले जाने की तैयारी थी। इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पूरे मामले की तह तक जाकर छानबीन की जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य एवं बसपा नेता एसपी सिंह 18 सितंबर की सुबह टहलने के लिए विश्वविद्यालय स्थित पंत पार्क में गए थे। उन्होंने पार्क के पास स्कार्पियो गाड़ी खड़ी कर दी थी। जब वह पार्क से निकले तो उनकी गाड़ी गायब थी। इसकी सूचना उन्होंने स्थानीय पुलिस को दी, फिर स्कार्पियो की खोजबीन शुरू हुई लेकिन गाड़ी का पता नहीं चला। 19 सितंबर को उन्होंने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई। गाड़ी में उनका बैंक पासबुक और चेक भी था, इसलिए तत्काल बैंक को सूचित किया। कैंट इंसपेक्टर ने चौकी इंचार्ज विश्वविद्यालय बदरुद्दीन खान, दरोगा आशीष पांडेय और सर्विलांस सेल के सिपाही अरुण यादव को गाड़ी मालिक एसपी सिंह के साथ लगाया। सब स्कार्पियो की तलाश में निकल गए।
बिहार के अररिया में मिली गाड़ी का पहली लोकेशन
एसपी सिंह के मुताबिक गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा था। इसे चोरी करने वालों ने डिसकनेक्ट किया था पर वह थोड़ा काम कर रहा था। इसके सहारे वे लोग आगे बढ़ते रहे। बिहार के अररिया के हरियाबारा टोल प्लाजा पर पहली लोकेशन मिली। वहां गाड़ी उसी दिन यानी 18 सितंबर को 7.30 बजे शाम को पहुंच गई थी। रात 8.18 बजे पूर्णिया के बरसवाना टोलप्लाजा से गाड़ी पास हुई। इसी दिन गाड़ी के पश्चिम बंगाल के मदाती टोल प्लाजा पार करने की लोकेशन मिली जो सिलीगुड़ी में पड़ता है। उसके बाद गाड़ी में लगे जीपीएस का चार्जर आफ हो गया, इस नाते उसकी लोकेशन नहीं मिल रही थी। वहां से लोगों ने असम बार्डर के भिटवाई टोल प्लाजा पर जाकर सीसीटीवी फुटेज देखी पर कोई जानकारी नहीं मिली। फिर गोरखपुर के दरोगाओं ने सिलीगुड़ी के एएसपी से संपर्क किया। उन्होंने सिक्किम पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।
चेचिस नंबर से पता चला गाड़ी गोरखपुर की
सिलीगुड़ी के एसएसपी ने जब सूचना सिक्किम पुलिस को दी तो वहां की पुलिस सक्रिय हो गई। इस बीच वहां के पुलिस के एक मुखबिर की सूचना दी कि एक स्कार्पियो चीन बार्डर की तरफ जा रही है। ऐसा लगता है चोरी की। पुलिस ने उस गाड़ी का पीछा कर पकड़ लिया। चेचिस नंबर जब नेट पर डाला तो सुरेंद्र बहादुर सिंह, चड़राव, गोरखपुर यूपी का पता निकला। नेट से ही एक दरोगा का नंबर मिला जो बड़हलगंज में तैनात हैं। वहां की पुलिस ने जब उससे संपर्क किया तो उन्होंने बताया चड़राव सहजनवां थाने में है। उन्होंने सहजनवां के दरोगा का नंबर दिया। वहां की पुलिस ने गंगटोक पुलिस को एसपी सिंह का नंबर दिया। गंगटोक पुलिस ने एसपी सिंह को फोन कर 22 सिंतबर को गंगटोक बुलाया।