जिला महिला अस्पताल में करीब दो करोड़ की लागत से बनी नई ओटी (ऑपरेशन थिएटर) का दूसरा सैंपल भी फेल हो गया है। मेडिकल कॉलेज की जांच में सैंपल में तमाम बैक्टीरिया पाए गए। जिस ओटी को लेकर तमाम दावे किए जा रहे थे, उसकी हकीकत जांच में सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा है।
महिला अस्पताल में बनी नए ओटी को शिफ्ट करने के लिए करीब छह महीने पहले कवायद तेज की गई थी। पुरानी ओटी में संक्रमण का खतरा सामने आने के बाद जिस नई ओटी पर अस्पताल प्रशासन इतरा रहा था, वह दो बार की जांच में फेल हो चुका है। करीब दो करोड़ की लागत से बने इस ओटी में दावा किया जा रहा था कि संक्रमण का विशेष ध्यान रखने के साथ ही तमाम अत्याधुनिक उपकरण व तकनीक इस्तेमाल किए गए हैं, जिसका फायदा मरीजों को सीधे तौर पर मिलेगा। वहीं डॉक्टरों के लिए भी यह सुरक्षित रहेगा।
इसे शुरू करने से पहले मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजकर जांच करानी होती है। करीब महीने भर पहले पहला सैंपल भेजा गया था, जिसमें कमी पाई गई और अब दूसरे सैंपल में भी बैक्टीरिया पाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की ओर से कुछ सुझाव देकर उसे सुधारने की सलाह देते हुए फिर सैंपल मांगा गया है। जांच में सैंपल सही मिलने के बाद ही यह ओटी शुरू की जा सकती है।
एक दिन में पांच मौत के बाद गर्माया था मामला
करीब डेढ़ साल पहले जिला महिला अस्पताल में 24 घंटे के भीतर पांच नवजातों की मौत से सनसनी फैल गई थी। प्रशासन से लेकर शासन तक इसे लेकर अफरा-तफरी मची और जांच में संक्रमण का मामला सामने आया था, जिसके बाद नई ओटी शुरू करने पर जोर दिया गया और कवायद शुरू हुई, मगर ओटी का सैंपल जब तक पास नहीं होगा, इसे शिफ्ट नहीं किया जा सकता।