नगर निगम बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में सपा पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। भाजपा पार्षदों की मांग पर मेयर ने पूर्व पार्षद के निधन पर शोक सभा के बाद बैठक स्थगित कर दी, तो सपा पार्षद भड़क उठे। वे कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन मेयर ने उनकी मांग अनसुनी कर दी। इससे उग्र सपा पार्षदों ने मेयर और नगर आयुक्त को घेर लिया। बाद में सभी धरने पर बैठ गए और मेयर के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। मेयर को उनके कक्ष तक नहीं जाने दिया।
सुबह करीब 11 बजे नगर निगम बोर्ड की बैठक शुरू हुई। भाजपा पार्षदों ने पूर्व पार्षद के निधन पर शोक सभा कराने की मांग की। मेयर ने शोक सभा कराकर बैठक स्थगित कर दी, जिससे भड़के पूर्व सभापति जियाउल इस्लाम और पार्षद संजय सिंह ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि एक घंटे की अवधि के बाद कार्यकारिणी के छह पदों पर चुनाव कराया जाए, ताकि आचार संहिता लागू होने के पहले बजट पास हो सके। उधर, भाजपा पार्षद शोक सभा का हवाला देकर बैठक स्थगित कराने का दबाव बनाने लगे। काफी देर तक दोनों पक्षों की ओर से मेयर और नगर आयुक्त को दलीलें दी जाती रहीं, लेकिन मेयर बैठक स्थगित करने के फैसले पर कायम रहीं। इससे नाराज होकर सपा पार्षद सदन से बाहर आकर गैलरी में धरने पर बैठ गए और मेयर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
मेयर को बैठने नहीं देंगे
सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने कहा कि मेयर ने हठवादी रवैये के चलते जनता के हितों की अनदेखी की है। शोक सभा के एक घंटे बाद कार्यकारिणी का चुनाव करा सकती थीं। बुधवार को मेयर को उनके कक्ष में बैठने नहीं दिया जाएगा। सभी पार्षद कमिश्नर से मिलकर स्थिति से अवगत कराएंगे।
21 लाख तक कार्यकारिणी लेती है निर्णय
शहर में 15 लाख से लेकर 21 लाख रुपये तक के कार्र्यों को कराने के लिए कार्यकारिणी निर्णय लेती है, जबकि 21 लाख से लेकर 35 लाख तक के कार्यों की स्वीकृत नगर निगम बोर्ड देता है, मगर कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या पूरी न होने से बजट पास होने पर संशय खड़ा हो गया है।
पास नहीं हो पाएगा पुनरीक्षित बजट
नगर निगम का मुख्य बजट मार्च में पास हो जाता है। पुनरीक्षित बजट दिवाली के बाद सदन में लाया जाता है। कार्यकारिणी का कोरम पूरा न होने से यह लटका पड़ा है। मंगलवार को संभावना जगी थी कि कार्यकारिणी का चुनाव होने के बाद पुनरीक्षित बजट पास हो जाएगा, लेकिन बैैठक स्थगित होने से मामला लटक गया।