रेलवे अस्पताल में दवा का स्टॉक कम मिलने पर एनईआर के जीएम राजीव मिश्र ने नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को वह अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर समस्या है तो दवा खरीद की जिम्मेदारी किसी और को दी जाए। मरीजों और तीमारदारों ने भी जीएम से अव्यवस्था की शिकायत की। हालांकि परिसर में सफाई बेहतर मिलने पर उन्होंने अस्पताल को 75 हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
निरीक्षण के दौरान बृहस्पतिवार सुबह जीएम राजीव मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले आईसीयू का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने बेड बढ़ाने का निर्देश दिया। ओपीडी में निरीक्षण के दौरान एक दवा काउंटर बंद मिलने पर उन्होंने हर हाल में सभी काउंटरों को खुला रखने को कहा। कुछ मरीजों और तीमारदारों ने नियमित रूप से डॉक्टरों के चेकिंग पर न आने की शिकायत की तो जीएम ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि सभी डॉक्टर समय से ओपीडी और वार्डों में जाएं।
इसके बाद स्टोर में पहुंचे और वहां मौजूद फॉर्मासिस्ट से दवा की उपलब्धता के बारे में पूछा तो सिर्फ 40 प्रतिशत दवाएं उपलब्ध होने पर नाराजगी व्यक्त की। बताया गया कि टेंडर फाइनल नहीं होने के कारण दवाएं नहीं खरीदी जा सकी हैं। इस दौरान न्यू मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, ऑर्थो वार्ड और जनरल मेल वार्ड में बेहतर सफाई पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया
जीएम ने वार्डों के पुराने बेड की जगह नए आधुनिक बेड, डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाने, जच्चा-बच्चा वार्ड में र्पोटेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, वारमर मशीन की उपलब्धता तथा आपातकालीन कक्ष को वातानुकूलित करने के साथ ही प्रत्येक वार्ड में आरओ प्लांट, एअर कूलर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, 24 घंटे बिजली आपूर्ति व ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए दो लिफ्ट लगाने का निर्देश दिया। इसके अलावा स्वास्थ्य बजट की 50 फीसदी राशि डिस्पेंसरी व हेल्थ यूनिट पर खर्च करने का आदेश दिया। वहीं आपातकालीन सेवा को दुरुस्त करने के लिए रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में वरिष्ठ चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने तथा रेलवे हेल्थ मोबाइल हेल्पलाइन की सुचारू व्यवस्था का निर्देश दिया।