भारत से नेपाल में प्याज भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रविवार को भारत सरकार के निर्देश पर सोनौली कस्टम अधिकारियों ने प्याज से लदे ट्रक को वापस कर दिया। विदेश व्यापार महानिदेशक ने अधिसूचना जारी कर सभी कस्टम कार्यालय को यह जानकारी दी है। पत्र में नेपाल में भारतीय ट्रक नहीं भेजने का निर्देश है।
इस वजह से रविवार को प्याज से लदे 20 ट्रक रोक दिए गए हैं। इन दिनों भारत में प्याज महंगे दर पर बिक रही है। इस वजह से पहले देश में प्याज की जरूरतों को पूरा करने के बाद ही कहीं बाहर भेजा जाएगा। रविवार को सोनौली बॉर्डर पर कस्टम कार्यालय पर प्याज से लदे भारतीय ट्रकों को रोक दिया गया। वहीं नासिक, शाहजहांपुर, इंदौर, कानपुर से आने वाले प्याज से लदे ट्रकों को भी वापस कर दिया ।
ट्रक चालक बॉर्डर पर दिनभर परेशान रहे लेकिन कस्टम अधिकारियों ने ट्रक को पास नहीं किया। सोनौली कस्टम अधीक्षक एके द्विवेदी ने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा प्राप्त पत्र के बाद नेपाल जाने वाले प्याज के वाहनों को रोक दिया गया है। यह रोक अग्रिम सूचना तक जारी रहेगी।
प्रतिदिन भारत से नेपाल जाती है 50 ट्रक प्याज
व्यापारियों के मुताबिक सोनौली बॉर्डर से करीब 50 ट्रक प्याज प्रतिदिन नेपाल जाता है। नासिक, मध्य प्रदेश, कानपुर की मंडियों से सर्वाधिक प्याज नेपाल भेजी जाती है। आलू, प्याज के कारोबारी वकील ने बताया कि प्रतिबंध लगने से करीब छह करोड़ का कारोबार प्रतिदिन प्रभावित हुआ है। करोड़ों के कारोबार पर ज्यादा प्रभाव पडा है। उधर नेपाल में भी प्याज महंगी हो गई है। भारत की अपेक्षा नेपाल में करीब 130 रुपए प्रति किलो प्याज की कीमत हो गई है।