एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के 59 वें वार्षिक अधिवेशन में दूसरे दिन मंगलवार को नई कार्यकारिणी चुनी गई। संगठन के डेलीगेट का भरोसा जीतने में एक बार फिर 103 साल के कामरेड केएल गुप्त सफल रहे। उन्हें लगातार 59 वीं बार महामंत्री चुना गया। कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।
रेलवे के सूचना प्रोद्योगिकी सेंटर के सभागार में आयोजित जोन कार्यकारिणी चुनाव में मुख्यालय गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल से जुटे डेलिगेट (अधिकृत प्रतिनिधियों) की मौजूदगी में सर्वसम्मति से केएल के नाम पर मुहर लगी। महामंत्री सहित कुल आठ पदों पर यूनियन की नई कार्यकारिणी गठित कर दी गई। जिसमें बसंत लाल चतुर्वेदी को पुन: अध्यक्ष तथा नवीन कुमार मिश्र, प्रदीप कुमार धर दूबे और ओंकार नाथ सिंह को संयुक्त महामंत्री चुना गया।
आंदोलन तेज करने का दोहराया संकल्प
गोरखपुर। चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी की बैठक भी हुई। जिसमें चार से छह दिसंबर तक चेन्नई में आयोजित आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के वार्षिक अधिवेशन में तैयार 51 सूत्रीय प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने आंदोलन को तेज करने का संकल्प दोहराया। डेलिगेट सेशन में पदाधिकारियों ने निजीकरण, निगमीकरण, नई पेंशन योजना और नए श्रम कानून के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनाई।
नवनिर्वाचित महामंत्री केएल गुप्त ने निजीकरण, निगमीकरण और नई पेंशन योजना के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंप रही है। अब हड़ताल ही एक मात्र विकल्प बचा है। इसके लिए देशभर के कर्मचारियों और मजदूरों को एकजुट किया जा रहा है। इस मौके पर लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल शाखाओं के अलावा छपरा, गोंडा डीजल लॉबी, मैलानी, सीतापुर, कानपुर, कासगंज तथा मुख्यालय गोरखपुर, यांत्रिक कारखाना, सिग्नल कारखाना, पुल कारखाना, स्टोर डिपो, लेखा शाखा, आउट डोर, लोको शाखा के प्रतिनिधि मौजूद थे।