माता मातेश्वरी सेवा दरबार पचपेड़वा में रविवार को नवरात्र की महाषष्ठी के मौके पर विशेष पूजन व अनुष्ठान हुआ। इस मौके पर विधिविधान से कन्या पूजन का आयोजन किया गया।
शाम पांच बजे हुए इस कार्यक्रम में 1008 दीप जलाकर माता जगदंबा की आरती उतारी गई। इसके बाद 108 कन्याओं के पांव पखारकर उन्हें चुनरी ओढ़ाकर पूजा गया। इसके बाद निराजल व्रत धारण करने वाले माता भक्तों ने शाम आठ बजे माता का प्रसाद ग्रहण करके अपना व्रत पूर्ण किया। इसके बाद सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें सद्गुरु माता गुरुश्री ने बताया कि शक्ति की भक्ति मानव आदि काल से करता आ रहा है। शक्ति हर किसी के किसी न किसी रूप से किसी की बात को सुनती हैं और उनके बिगड़े कार्य बना देती हैं।
इस मौके पर अजय कुमार श्रीवास्तव, राजदेव जायसवाल, आचार्य सुनील, गुड्डू, अरुण त्रिपाठी, गणेश शर्मा, फूलचंद शर्मा, आलोक राय, राजेश विश्वकर्मा, रंजीत कुशवाहा, जयप्रकाश श्रीवास्तव, प्रकाश चंद्र शर्मा, रवींद्र रावत, दयाशंकर, मंतीरा देवी, लालमुनी, गुड्डी देवी, रीता चौरसिया, रामपत निषाद, पप्पू, बबलू, अनिल आदि मौजूद थे।
भारत सेवाश्रम संघ में मां की प्रतिमा का अनावरण
कैंट थाने के निकट स्थित भारत सेवाश्रम संघ परिसर में रविवार को शक्तिशाली राष्ट्र गठन, शांतिए अखंडता आदि के संकल्प हेतु 10वां वार्षिक महोत्सव श्रीश्री वासंती दुर्गा पूजा, रामनवमी व अन्नकूट उत्सव का प्रारंभ हुआ। सायंकाल यहां मां की प्रतिमा का अनावरण मेयर डॉ. सत्या पांडेय व डीआईजी एन चौधरी ने किया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष व प्रभारी स्वामी निरुश्रेयसानंद की देखरेख में काठमांडू से आए स्वामी रुद्रानंद, हरिद्वार के स्वामी असीतानंद, ऋ षिकेश के स्वामी संस्थानंद ने कार्यक्रम संपन्न कराया। आयोजन में डॉ. अमरनाथ चटर्जी, डॉ. प्रशांतो चटर्जी, सुभाष दत्ता, जगदीश बसाक, अमित कुमार शर्मा, गोपाल महाराज, गणेश थापा, डॉ. रामशरण, रामशरण पाल, नारायण चेतनानी, डॉ. बीएल गुप्ता, वेद प्रकाश शर्मा, राजन श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
धूमधाम से निकाली गई प्रभात फेरी
संतोषी माता मंदिर से रविवार की सुबह प्रभातफेरी निकाली गई। नवरात्र के उपलक्ष्य में निकली इस प्रभातफेरी में भजन गायक राकेश श्रीवास्तव ने अपने भजनों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रभातफेरी चरनलाल चौक, दुर्गावाड़ी, गंगेज चौक, जटाशंकर, धर्मशाला होते हुए गोलघर काली मंदिर पहुंची। वहां माता की विशेष आरती हुई। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष आरती के दौरान झांझ, मजीरे के साथ संगत दे रहे थे। इसमें प्रमुख रूप से तिलकधारी सिंह, शिवजी तिवारी, अजय गुप्ता, अशोक गुप्ता, छट्ठू प्रसाद, कृष्ण मोहन, मतीरमा, रागिनी, संगीत, शकुंतला, सुनीता, शीला, माया आदि शामिल थीं।