तिब्बती शरणार्थी को बार्डर पर पकड़ा
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भारत नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते काठमांडू से दिल्ली जा रही एक बस की जांच में इमीग्रेशन अधिकारियों ने नेपाल में शरणार्थी के रूप में रह रहे एक युवक के पास भारत की नागरिकता रखने के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस को सौप दिया। आरोप है कि युवक जालसाजी एवं कूटरचित ढ़ंग से दिल्ली के दलालों की मिलीभगत से भारतीय निर्वाचन कार्ड बनवा लिया था।
मंगलवार की रात इमीग्रेशन अधिकारी राधवेंद्र सिह कार्यालय में अपने साथियों के साथ भारत से नेपाल आने जाने यात्रियों की जांच कर रहे थे। इस दौरान काठमांडू से चल कर एक बस दिल्ली जाने के लिए सोनौली पहुंची और यात्रियों की जांच के लिए इमीग्रेशन अधिकारियों ने सभी से पासपोर्ट और बीजा पहचान पत्र की मांग की।
इस दौरान एक युवक तेनजिंग दोनों गुरुंग पुत्र ताशी बंगपाल भी था, जिसने भारत का निर्वाचन कार्ड दिखाया संदेह होने पर युवक को रोक लिया गया और कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि युवक मूलतः नेपाली तिब्बती शरणार्थी है। युवक के माता पिता तिब्बती आश्रम बोध्य काठमांडू में शरणार्थी स्टेट्स से रह रहे हैं।
इमीग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि युवक ने 12 तक पढ़ाई नेपाल में की और बीसीए की पढ़ाई के लिए इसी साल बंग्लौर में दाखिला लिया। आने जाने के दौरान दिल्ली में कुछ एजेंट और दलालों से मिलकर जालसाजी करते हुए कूटरचित ठंग से युवक ने भारतीय निर्वाचन कार्ड बना लिया। काफी पूछताछ के बाद युवक ने बताया कि सात हजार देने के बाद इसे दस दिन में एजेंट ने बनवाकर दे दिए।
इस संबंध में कोतवाल विजय राज सिह ने बताया कि इमीग्रेशन अधिकारी की तहरीर पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।