रामगढ़ताल और राप्ती नदी में पॉलिथीन फेंकने पर 25 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है। उत्तरप्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (विनिमय) अधिनियम 2000 के अंतर्गत सभी प्रकार के प्लास्टिक कैरीबैग पर रोक के बाद नगर निगम ने इसी तरह का प्रावधान किया है।
शासन से पॉलिथीन पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने को लेकर गाइडलाइन आ गई है। नगर निगम की नालियों, रामगढ़ताल या फि र राप्ती नदी में पॉलिथीन फेंकते पकड़े जाने पर अब भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है। निगम की नालियां पॉलिथीन के चलते चोक हो रही हैं। बड़ी मात्रा में थर्माकोल की यूज थालियां और कटोरी भी नालों में फेंकी जा रही हैं।
रामगढ़ताल किनारे घूमने जाने वाले लोग भी चिप्स, बिस्किट आदि का सेवन कर रैपर या पॉलिथीन झील में फेंक दे रहे हैं। पॉलिथीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में फंस जा रही है। इसको देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। वहीं 100 ग्राम पालिथीन की बिक्री करते हुए पकड़े जाने पर एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा। शासन द्वारा कार्रवाई को लेकर दिशा निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन नये सिरे से कार्रवाई करने की कवायद में जुट गया है।