शहर की खराब सफाई व्यवस्था से नाराज कमिश्नर ने जब नगर आयुक्त समेत अन्य दो अधिकारियों का वेतन रोक दिया तो निगम प्रशासन भी इसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त हुआ। मुख्य सफाई निरीक्षक ने सफाई सुपरवाइजर और ठेकेदार के खिलाफ घोर लापरवाही बरतने संबंधी रिपोर्ट देकर मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है।
वार्ड 13 में निरीक्षण के दौरान तो 23 में से केवल 13 सफाई कर्मचारी मिले। लोगों ने भी बताया कि ऐसी स्थिति हमेशा से है। इसके लिए सफाई सुपरवाइजर और ठेकेदार को पूरी तरह से दोषी मानते हुए ठेकेदार के बिल से 10 श्रमिक प्रतिदिन कटौती करने और सफाई सुपरवाइजर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सिविल लाइंस एरिया में लापरवाही बरतने पर सफाई सुरपवाइजर मो. सफी से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने संबंधी रिपोर्ट दी गई।
वाहन चालक मकसूद, कृष्णपाल द्वारा मना करने के बावजूद भी प्रतिबंधित स्थल पर कूड़ा गिराते हुए पकड़े जाने पर ट्रक चालक रविंद्र और जेसीबी चालक हदीश द्वारा कूड़ा नहीं हटाने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। मुख्य सफाई निरीक्षक पीएन गुप्ता ने बताया कि शनिवार को अवकाश की वजह से आदेश जारी नहीं हो सकता है, लेकिन सभी के खिलाफ रिपोर्ट मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दे दी गई है।