नगर निगम ने निकाय चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही आरक्षित वार्डों का निर्धारण भी हो जाएगा। नगर निगम 15 अप्रैल से वार्डों में अन्य पिछड़ा वर्ग का सर्वे शुरू कर रहा है। सर्वे रिपोर्ट निदेशालय भेजे जाने के साथ ही आरक्षित वार्डों की सूची पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
सामान्य जनगणना के वक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भी गणना हो जाती है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना अलग से होती है। स्थानीय चुनाव के वक्त आरक्षण के नियम के पालन करने के प्रावधान के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना जरूरी होती है। कुल वार्डों की संख्या का 27 प्रतिशत सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए तो 22.5 प्रतिशत सीट अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होता है। 50 प्रतिशत सीट सामान्य वर्ग लिए आरक्षित होता है। जातिगत आरक्षण में ही 33 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं। ऐसे में नगर निगम शहर के अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना शुरू करने जा रहा है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एवं चुनाव प्रभारी रवीश चंद्र ने बताया कि 15 अप्रैल से ओबीसी की रैपिड जनगणना शुरू की जा रही है। जनगणना समाप्त होने के बाद रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। उसी के आधार पर वार्ड का आरक्षण तय होगा।