मियां साहब इस्लामियां इंटर कालेज में मंगलवार को उमड़ी भीड़ बेहतरीन मुशायरे का गवाह बनी। कभी देशप्रेम पर बने नब्ज सुनाकर शायरों ने लोगों के जज्बों को छूने की कोशिश की तो कभी आज के दौर में बढ़ती सियासत और तल्खियों पर जमकर ताने कसे। जैसे-जैसे रात गहराती गई, शायरों को सुनने की बेचैनी लोगों में बढ़ती गई। तालियों की गड़गड़ाहट से श्रोता शायरों की हौसलाफजाई करते रहे तो शायर उनकी उम्मीदों के मुताबिक दिल को छू लेने वाले नब्ज पढ़ते रहे।
कौमी सलामती काउंसिल की ओर से मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के पूरी तरह से स्थापित होने पर आयोजित आल इंडिया मुशायरे का आगाज कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां और राज्यसभा सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम ने शमां रोशन कर किया। शायर इकबाल अशहर ने ‘सितम तो ये कि हमारी सफों में शामिल हैं चिराग बुझते ही खेमा बदलने वाले लोग, हमारे दौर का फिरऔन डूबता ही नहीं कहां चले गए पानी पे चलने वाले लोग’ सुनाकर जमकर वाहवाही बटोरी।
हरदिल अजीज शायर इमरान प्रतापगढ़ी के माइक थामते ही महफिल में रौनक बढ़ गई। तालियों की गूंज के बीच उन्हें अपनी नब्ज सुनाने के लिए काफी तेज बोलना पड़ा। उन्होंने जब अपनी नब्ज ‘तुम्हारे पहले बोला है तुम्हारे बाद बोला है, भगत अशफाक बन करके कभी आजाद बोलेंगे, तुम्हें जय बोलना है भारत मां की शौक से बोलो, मगर हम जय नहीं बोलेंगे, जिंदाबाद बोलेंगे’ पढ़ी तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। जेएनयू के कन्हैया प्रकरण पर ‘था शहंशाह को गुरूर बहुत पर रब ने उसका गुरूर तोड़ दिया, कल थी जो छप्पन इंच की छाती, एक कन्हैया ने सब सिकोड़ दिया’ पढ़कर जमकर तंज कसा।
खुर्शीद हैदर ने ‘गैर परों पर उड़ सकते हैं हद से हद दीवारों तक, अंबर पर तो वहीं उड़ेंगे जिनके अपने पर होंगे’ शानदार लहजे में अपना कलाम सुनाया। असद महताब ने अभी मुखड़ा ‘तमाम रात यहीं कारोबार करता हूं, मैं एक दिया हूं अंधेराें पर वार करता हू’ ही सुनाया था कि श्रोताओं की ओर से दोबारा सुनाने की फरमाइश आने लगी।
इसके अलावा अजीजी रब्बानी, अख्तर हुसैन, अजीज राजेश रेड्डी, रेहान हाशमी, हाशिम फिरोजाबादी आदि शायरों ने अपने कलाम से लोगों को रोमांचित किया। अध्यक्षता टीएन श्रीवास्तव उर्फ वफा गोरखपुरी ने तथा संचालन नदीम फर्रुख ने किया। इसके पूर्व काउंसिल की ओर से कैबिनेट मंत्री आजम खां और सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम को सम्मानित किया गया। इस दौरान शकील अहमद, जफर अमीन डक्कू, मिर्जा कैसर बेग, डा. शहबाज, संजय कुमार सिंह, संतोष कुमार यादव, वसीक अहमद आदि मौजूद रहे।