एमएमएमयूटी में 2009 में नियुक्त 34 कर्मचारियों हटाने का शासन ने आदेश जारी कर दिया है। इन नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली की बात सामने आई थी। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में रविवार को इस पर चर्चा की गई।
बोर्ड के सभी सदस्यों से अनापत्ति आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इन कर्मचारियों को हटाने संबंधी आदेश जारी कर देगा। इससे पहले इसी मामले में तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डा. बीबी सिंह को दोषी करार देते हुए दंड स्वरूप उनके पेंशन से 30 फीसदी धनराशि की कटौती की कार्रवाई भी हो चुकी है।
वर्ष 2009 में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (तब इंजीनियरिंग कॉलेज) में 34 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इन नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद शासन स्तर से पार्थसारथी सेन शर्मा के नेतृत्व में जांच समिति ने मामले की जांच कर अनियमितताओं की पुष्टि की। वर्ष 2013 में शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हुई।
वहीं जब बीते वर्ष की आखिरी तिमाही में एक बार फिर कार्रवाई करने का निर्देश आया तो अब जाकर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में इस शासनादेश के संबंध में चर्चा की गई है। जल्द ही इन कर्मचारियों को हटाने के संबंध में आदेश जारी होने की संभावना है।
शासन ने मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय में की गई 34 नियुक्तियों को गलत मानते हुए उनकी सेवा समाप्ति संबंधी आदेश दिया है। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई है। बैठक की कार्यवृत्ति मैनेजमेंट के सभी सदस्यों को भेज दी गई है। अनापत्ति पत्र आते ही शासनादेश के अनुसार आदेश जारी कर दिया जाएगा।
- केपी सिंह, कुलसचिव, एमएमएमयूटी