समीक्षा बैठक करते प्रमुख सचिव।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोरखपुर-बस्ती मंडल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कहने को यह समीक्षा बैठक थी, लेकिन इसमें चर्चा इंसेफेलाइटिस से जंग में मुश्किल पेश कर रही संसाधनों की कमी पर हुई। तय हुआ कि इंसेफेलाइटिस प्रभावित ब्लॉकों में मासूमों के बेहतर इलाज के लिए मिनी पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनाई जाएंगी।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर इंसेफेलाइटिस प्रभावित पूर्वांचल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कवायद के तहत गोरखपुर आए थे। अलग-अलग जिलों के आब्जर्वेशन के लिए सात संयुक्त निदेशक भी प्रमुख सचिव के साथ आए थे। बैठक में विभिन्न जिला अस्पतालों के पीआईसीयू की क्षमता वृद्धि के संबंध में आवश्यकताएं पूछी गईं। संबंधित संयुक्त निदेशक अपने जिलों से जुड़ा ब्योरा अपनी फाइल में दर्ज करते रहे।
प्रमुख सचिव ने सीएमओ से विभिन्न पीएचसी और सीएचसी पर संचालित इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) में चिकित्सक एवं स्टाफ की कमी दूर करने को कहा। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने सभी सीएमओ को आश्वस्त किया कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ जंग में कहीं भी धन की कमी आड़े नहीं होगी। उन्होंने हर दो महीने पर दौरा करके इसकी समीक्षा करने की बात कही।
गोरखपुर में तीन मिनी पीआईसीयू बनेंगे
गोरखपुर में तीन मिनी पीआईसीयू बनाई जाएंगी। प्रमुख सचिव की बैठक में इस पर भी चर्चा हुई। यहां दो से तीन वेंटीलेटर युक्त बेड होंगे। सूत्रों के मुताबिक चौरीचौरा, गगहा और पिपरौली में इनका निर्माण हो सकता है।