गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 84 महिला कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं के केंद्र नहीं बदलेंगे। महिला कॉलेजों को छूट देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन को नए सिरे से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के दिशा-निर्देश शासन से मिल गए हैं। अब महिला कॉलेजों के परीक्षा केंद्र नए सिरे से निर्धारित होंगे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से गठित विशेष समिति ने सामूहिक नकल रोकने के उद्देश्य से केंद्र बदलने का प्रस्ताव दिया था। इस पर मुहर भी लगी और गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर में 144 परीक्षा केंद्र बना दिए गए। इसमें महिला कॉलेज भी शामिल थे। 156 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर रखा गया। इसका तमाम प्रबंधकों ने विरोध किया। अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल से शिकायत भी की गई। इसी का नतीजा रहा कि अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने महिला कॉलेजों में स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली की व्यवस्था बहाल कर दी। हालांकि यह भी कहा कि जिन कॉलेजों में छात्राओं की संख्या 50 से कम होगी, उनके केंद्र पांच किलोमीटर दूर भेजे जा सकेंगे। जिन महाविद्यालयों की प्रबंध समिति में विवाद है, वहां परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। परीक्षा केंद्र आठ किलोमीटर से ज्यादा दूर नहीं होंगे। अपर मुख्य सचिव ने जो शासनादेश जारी किया, उसमें कहा कि परीक्षा नकल विहीन कराई जाएगी। यदि किसी केंद्र पर नकल कराई गई तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। कॉलेज में दोबारा परीक्षा केंद्र भी नहीं बन सकेगा।
व्यवस्था दुरुस्त करें
शासन से दिशा निर्देश के अनुसार ऐसे कॉलेज जिन्होंने एआईएसएचई का डाटा अपलोड नहीं किया है वह शीघ्र वेबसाइट पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं। कॉलेजों में विद्युत आपूर्ति, चहारदीवारी, शुद्ध पानी, अग्निशमन यंत्रों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिला कॉलेजों की संख्या
गोरखपुर - 34
देवरिया - 31
कुशीनगर -19
60 फीसदी बेटियां है विद्यार्थी
गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 कॉलेजों में कुल दो लाख 76 हजार 409 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें करीब एक लाख 64 हजार 109 छात्राएं शामिल हैं। यानि कुल संख्या के करीब 60 फीसदी विद्यार्थी बेटियां है।