इंसेफेलाइटिस को लेकर एक बार फिर ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) पर जोर बढ़ा दिया गया है। बुधवार को केंद्र सरकार की टीम ने सीएमओ दफ्तर में मंडल के चारों सीएमओ के साथ बैठक की। इस दौरान टीम ने कहा कि ईटीसी को क्रियाशील करके इस पर रोक लगाया जा सकता है। अफसरों ने निर्देशित किया कि स्थानीय अधिकारी इसकी नियमित मॉनीटरिंग करें। साथ ही फाइलेरिया, डेंगू व कालाजार बीमारियों पर भी चर्चा की।
जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत जानने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहुंची टीम चार दिनों से जेई व एईएस का जायजा ले रही है। बुधवार की सुबह सीएमओ दफ्तर में जेई व एईएस के निदेशक सत्यमित्र ने गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया के सीएमओ व एडिशनल सीएमओ के साथ समीक्षा बैठक की। इस बीच इंसेफेलाइटिस, फाइलेरिया, डेंगू व कालाजार जैसी घातक बीमारियों व उसकी व्यवस्था पर चर्चा हुई। साथ ही इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर को एक्टिव व सक्शन उपकरण, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, फॉर्मासिस्ट की उपस्थिति पर भी जोर दिया गया। टीम में जेडी संचारी रोग डॉ. पंकज श्रीवास्तव, सलाहकार केंद्र सरकार के कंसल्टेंट डॉ. कौशल कुमार आए थे। इस बीच कमियों व व्यवस्था पर ढाई घंटे तक मंथन चला।
टीम के सामने सभी ने अपने इलाके में होने वाली परेशानियों को पेश किया। जिसे दूर करने को कहा गया। सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार, एडी हेल्थ डॉ. आरके तिवारी, एसआईसी डॉ. एचआर यादव, महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. नंद कुमार, डॉ. एके पांडेय, डॉ. एके सिन्हा आदि मौजूद रहे।