फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नष्ट कर दी गई चार लाख की दवाएं

Mon, 25 Apr 2016 08:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक तरफ तो मेडिकल कॉलेज में दवाओं का टोटा है तो दूसरी ओर से तकरीबन चार लाख रुपये की दवाइयां एक्सपायरी हो गई। अस्पताल में ऐसी दवाओं की ज्यादा डिमांड भेजी गई जिसकी खपत बहुत कम थी। अब अपनी गलती को अस्पताल प्रशासन छीपाने में जुटा है। खबर है कि कमीशन के चक्कर में इन दवाओं की सप्लाई ज्यादा मंगाई गई थी।
विज्ञापन


दवाओं को लेकर मेडिकल कॉलेज अक्सर सुर्खियों में रहता है। कभी एक्सपायरी दवाएं फेंक दी जाती है तो कभी मरीजों को दवाएं ही नहीं मिल पाती है। अभी कुछ दिन पहले ही बड़ी संख्या में ओआरएस घोल पैकेट फेंके गए थे। इसके बाद एसआईसी ने चीफ फर्मासिस्ट से जवाब तलब किया था।

लिक्विड पैराफिन (जेली है जो आदमी के शरीर में पाइप डालने से पहले उपयोग होती है), दूसरी दवा हाइड्रोजन परॉक्साइड है जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन या ड्रेसिंग के दौरान होता है। इन दवाओं की डिमांड इतनी ज्यादा भेजी गई थी कि एक्सापयारी हो गई और उपयोग नहीं हो पाया।
विज्ञापन


दवाओं की कीमत चार लाख आंकी जा रही है। यानी इन चार लाख रुपये का इस्तेमाल यदि सही दवाओं की खरीद में हुआ होता तो मरीजों को बिना दवा अस्पताल से नहीं लौटना पड़ता। इस संबंध में जब एसआईसी से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें