राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
मारवाड़ बिजनेस स्कूल में गणित पर शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के पहले दिन इसकी महत्ता पर मंथन किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि गणित ने ही चिकित्सा विज्ञान का सृजन किया है।
लखनऊ यूनिवर्सिटी की शिक्षक प्रो. मंजू अग्रवाल ने कहा कि गणित का संबंध कंप्यूटर साइंस, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान एवं कॉमर्स के साथ-साथ जीवन के रोजमर्रा में शामिल है। गणित के विभिन्न मॉडल को चिकित्सा विज्ञान से जोड़ते हुए कहा कि उनके अनेक उपयोग एवं नई तकनीक के अविष्कार के पीछे गणित का सूत्र का ही हाथ है। इसके बिना चिकित्सा का सृजन भी नहीं हो पाता। मुख्य वक्ता गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रो. वीएस वर्मा ने कहा कि वर्तमान में गणित की उपयोगिता पहले की तुलना में बढ़ गई है। सभी क्षेत्रों में छोटे और बड़ी गणना को सरल बनाने के लिए अनगिनत अविष्कार हो रहे हैं। इस दौरान 12 शोधपत्र भी प्रस्तुत किए गए।
प्रो. मंजू अग्रवाल और प्रो. वीएस वर्मा ने एप्लिकेशन ऑफ डिफरेंसियल इक्वेशन इन बॉयोलॉजी एंड मेडिकल साइंस पर भी व्याख्यान दिया। द्वितीय सत्र में प्रो. जीसी दुबे ने रोल ऑफ मैथमेटिक्स इन डिफरेंट वाक ऑफ लाइफ पर राय पेश की। कार्यक्रम में विष्णु प्रसाद अजीत सरिया, प्राचार्य डॉ. संतोष त्रिपाठी, प्रो. बीएल सराफ, डॉ. केबी गुप्ता, डॉ. एके जायसवाल, डॉ. एसपी श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।